खड़गवां में महतारी सदन भवन निर्माण पर उठे सवाल, घटिया सामग्री और सूचना पटल नदारद

- “खड़गवां में महतारी सदन भवन निर्माण कार्य में लापरवाही”
- “गुणवत्ता पर सवाल, ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप”
- “ग्रामीणों ने मांगी उच्चस्तरीय जांच, भुगतान रोकने की मांग”
शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। खड़गवां जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत ठगगाव दुग्गी में महतारी सदन भवन निर्माण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और निर्माण स्थल पर अनिवार्य सूचना पटल तक नहीं लगाया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार भवन निर्माण में उपयोग की जा रही छड़ भारतीय मानक के अनुरूप नहीं है, बल्कि लोकल ब्रांड की छड़ का इस्तेमाल किया गया है। वहीं रेत, गिट्टी और ईंट जैसी सामग्री भी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं है। मिट्टी मिश्रित रेत और ओवरसाइज गिट्टी का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे लाखों रुपये की लागत से बन रहा यह भवन भविष्य में जर्जर हो सकता है।
सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया है। सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व सूचना पटल लगाना अनिवार्य होता है, जिसमें योजना का नाम, लागत, कार्य अवधि, ठेकेदार का नाम और विभागीय जानकारी अंकित रहती है। लेकिन यहां ऐसा कोई बोर्ड नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकारी निर्माण स्थल पर निरीक्षण करने नहीं पहुंचते और कार्यालय में बैठकर ही मूल्यांकन कर देते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व में निर्मित भवन महज पांच वर्षों में जर्जर हो चुके हैं, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि घटिया निर्माण कार्य विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में हो रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस भवन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और जांच पूरी होने के बाद ही ठेकेदार को भुगतान किया जाए। साथ ही निरीक्षण करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि ठगगाव दुग्गी में महतारी सदन भवन का निर्माण कार्य इस तरह घटिया सामग्री से किया जा रहा है तो अन्य ग्राम पंचायतों में हो रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। यह मामला न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करता है बल्कि सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।




