जनपद अधिकारी सुस्त… कर्मचारी चुस्त! कई योजनाओं का प्रभार सवालों के घेरे में

जनपद पंचायत खड़गवां की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। जनपद पंचायत खड़गवां में इन दिनों प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि जहां एक ओर जनपद के जिम्मेदार अधिकारी सुस्त रवैया अपनाए हुए हैं, वहीं कुछ कर्मचारी अपने स्तर पर कई महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रभार संभालते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत के अंतर्गत संचालित कई योजनाओं का संचालन और निगरानी सही तरीके से नहीं हो पा रही है। कई मामलों में कर्मचारियों के पास एक से अधिक योजनाओं का प्रभार होने से पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।
सूत्रों के अनुसार कुछ कर्मचारी मनरेगा, पंचायत विकास, निर्माण कार्य और अन्य योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संभाल रहे हैं, जबकि इन योजनाओं की जिम्मेदारी अलग-अलग अधिकारियों और कर्मचारियों को दी जानी चाहिए। ऐसे में कार्यों की गुणवत्ता और नियमों के पालन को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जनपद स्तर पर अधिकारी सक्रिय होकर नियमित निगरानी करें तो योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन संभव है। लेकिन वर्तमान स्थिति में कई योजनाओं का प्रभार कुछ कर्मचारियों के हाथों में सिमटता दिखाई दे रहा है, जिससे व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा योजनाओं के प्रभार और जिम्मेदारियों का स्पष्ट निर्धारण करने की मांग की है, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ सही तरीके से आम लोगों तक पहुंच सके।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितना गंभीरता से लेता है और जनपद पंचायत खड़गवां की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
कौन-कौन सी योजनाएं सवालों में?
किस कर्मचारी के पास कितने प्रभार?
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
प्रशासन से सीधे सवाल।

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