वैष्णो देवी धाम में शतचंडी महायज्ञ शुरू, पहले नवरात्र पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

सुदेश कुमार,कटड़ा/जम्मू। पवित्र चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी धाम में गुरुवार से शतचंडी महायज्ञ का विधिवत शुभारंभ हुआ। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा आयोजित यह महायज्ञ नौ दिनों तक निरंतर चलेगा और 26 मार्च को महानवमी के दिन पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगा। महायज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की जा रही है।
इस अवसर पर श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य, अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की। महायज्ञ का सीधा प्रसारण ‘एमएच 1 श्रद्धा’ चैनल पर प्रतिदिन किया जा रहा है, जिससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस दिव्य अनुष्ठान का लाभ उठा रहे हैं।
श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष एवं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देशों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। भवन, अटका और आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक फूलों, फलों, भव्य स्वागत द्वारों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे कटड़ा से भवन तक का मार्ग भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आ रहा है।यात्रियों के लिए 24 घंटे पानी-बिजली की आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधाएं और व्रत संबंधी भोजन की विशेष व्यवस्था लंगरों व भोजनालयों में की गई है। दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क घोड़ा और बैटरी कार सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
भवन पर नव-निर्मित साधना कक्ष (मेडिटेशन हॉल) तथा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिल रही है। नवरात्र के दौरान प्रातः व सायं अटका आरती के साथ प्रसिद्ध गायकों द्वारा भक्ति संगीत प्रस्तुत किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के उत्साह को और बढ़ा रहा है। सीईओ स्वयं यात्रा प्रबंधन की निगरानी कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से संवाद कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। श्राइन बोर्ड ने चैत्र नवरात्र के इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
पवित्र चैत्र नवरात्र के दौरान विपरीत मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं पा रहा है। लगातार हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं के बीच भी श्रद्धालु “जय माता दी” के जयघोष के साथ मुस्कुराते हुए श्री माता वैष्णो देवी भवन की ओर बढ़ते जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार त्रिकूट पर्वत पर एक बार फिर ताजा बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। खराब मौसम के कारण वीरवार को चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन हेलीकॉप्टर सेवा दिन के अधिकांश समय तक स्थगित रही। हालांकि, भवन मार्ग पर चलने वाली बैटरी कार सेवा और भैरव घाटी रोपवे सेवा सुचारू रूप से उपलब्ध रही, जिसका श्रद्धालुओं ने यात्रा के दौरान लाभ उठाया। नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धालु परिवार सहित टोलियां बनाकर भजन-कीर्तन करते हुए मां के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। यात्रा में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
श्रद्धालु दिनभर पंजीकरण करवा कर आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त कर भवन के लिए रवाना होते रहे, वहीं भवन पर दिव्य दर्शन के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्राइन बोर्ड प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी कृत्रिम गुफाएं खोल दी हैं, ताकि दर्शन के लिए प्रतीक्षा समय कम किया जा सके। यात्रा की सुरक्षा और निगरानी के लिए आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड, पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान लगातार तैनात हैं। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। विपरीत मौसम के बावजूद फिलहाल सभी यात्रा मार्ग सुचारू हैं और श्रद्धालु निर्बाध रूप से यात्रा कर रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार 18 मार्च को करीब 28,500 श्रद्धालुओं ने यात्रा की, जबकि 19 मार्च को शाम 5 बजे तक लगभग 16,500 श्रद्धालु पंजीकरण कर भवन के लिए रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है।




