पदयात्रा पर निकले जैन भिक्षु की सड़क हादसे में मौत

मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर पालघर के पास हुआ दर्दनाक हादसा

मुंबई/एजेंसी। अहमदाबाद-मुंबई नेशनल हाइवे पर दर्दनाक हादसा हुआ है। सड़क दुर्घटना में साथियों के साथ पैदल तीर्थयात्रा पर निकले 21 वर्षीय जैन भिक्षु की मृत्यु हो गई। यह दुर्घटना भालीवली गांव के पास हुई, जब तेज रफ्तार कार के चालक ने पीछे से आ रहे ट्रक की टक्कर के बाद वाहन पर से नियंत्रण खो दिया। कार से भिक्षु को टक्कर लगी और उनकी मृत्यु हो गई। दिवंगत जैन भिक्षु की पहचान नम्ररत्न विजय महाराज के रूप में हुई है, जो मूल रूप से गुजरात के निवासी थे। पूरा जैन समुदाय उनके निधन पर शोक मना रहा है।
मांडवी पुलिस के अनुसार, नम्ररत्न महाराज और उनके साथी सफाले के प्रतापधाम सतीवली से विरार से आगे महावीरधाम शिरसाद की ओर जा रहे थे। करीब 5:15 बजे, जब वे भालीवली पुल के पास थे, तभी राजमार्ग के दक्षिण की ओर जाने वाले रास्ते पर गुजरात से आ रही एक तेज रफ्तार चार पहिया गाड़ी को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। गाड़ी चालक ने नियंत्रण खो दिया और सीधे जैन भिक्षु को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गंभीर रूप से घायल भिक्षु को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई।
ड्राइवर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने का केस
मांडवी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रणजीत अंधाले ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल का पंचनामा तैयार करने के बाद ट्रक और कार के चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 281 (सार्वजनिक सड़कों पर लापरवाही से वाहन चलाना/सवारी करना जिससे मानव जीवन खतरे में पड़ जाए) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) के तहत मामला दर्ज किया गया।
अंधाले ने कहा कि मामले की आगे की जांच जारी है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि यह दुर्घटना चालकों द्वारा वाहन पर नियंत्रण खो देने और सड़क की स्थिति को नजरअंदाज करते हुए लापरवाही से गाड़ी चलाने के कारण हुई। हमने मानखुर्द निवासी आकाश ईश्वर आनंदवार (जो कार चला रहे थे) और सूरत निवासी ट्रक चालक राजू सिंह तोमर को नोटिस भेजा है। हमने उनसे दुर्घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित होने को कहा है।”
इस दुखद घटना के बाद जैन समुदाय ने शोक व्यक्त किया है। वसई के एक जैन समुदाय के सदस्य ने कहा कि हम बेहद दुखी हैं और पुलिस से मृतक को न्याय दिलाने का अनुरोध करते हैं। मुनिराज नम्ररत्न महाराज ने 2020 में धर्मसूरी संप्रदाय में दीक्षा ली थी। यह दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना उनकी दीक्षा के छह वर्ष पूरे होने के ठीक एक दिन बाद हुई।

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