हिमाचल में 10 मिनट तक तेंदुए से लड़ा, फिर मारकर बचाई जान

सोलन के इस युवक की हो रही जमकर तारीफ

सोलन/हिमाचल प्रदेश। सोलन से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। यहां के अरकी तहसील के सरली गांव में एक 18 वर्षीय लड़के ने एक तेंदुए को मार डाला। चौंका देने वाली बात यह है कि लड़के ने तेंदुए मारने के लिए किसी भी हथियार का प्रयोग नहीं किया। वह निहत्ता ही था, जब तेंदुए ने उसके ऊपर हमला किया। लड़के का नाम प्रवेश शर्मा है। वह खुले मैदान में था, तभी अचानक तेंदुए ने उसके ऊपर हमला किया। दस मिनट तक उसके और तेंदुए के बीच संघर्ष चला, जो बहुत खौफनाक था। अब लड़के के असाधारण साहस की जमकर तारीफ हो रही है।
अरकी स्थित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) मेंइलेक्ट्रिशियन का कोर्स कर रहे द्वितीय वर्ष के छात्र प्रवेश शर्मा अपने चाचा के घर से दूध लेने जा रहे थे। तभी यह जानलेवा घटना घटी। हमला सुबह करीब 7 बजे उनके घर से महज 25 मीटर की दूरी पर हुआ।
प्रवेश शर्मा ने टीओआई को बताया कि मैंने पत्तों में हल्की सी हलचल देखी और इससे पहले कि मैं कुछ प्रतिक्रिया कर पाता, पेड़ के पीछे बैठा तेंदुआ मुझ पर झपटा। हाथों, बांहों, कंधों, घुटनों, पीठ और एक आंख के नीचे कई चोटें लगने के बावजूद शर्मा ने बहादुरी से अपना बचाव किया। उन्होंने अपने हाथों से तेंदुए के बार-बार गर्दन पकड़ने के प्रयासों को रोका, उसे धक्का दिया और पास के पत्थरों और एक डंडे का इस्तेमाल करके उसे भगाया।
दस मिनट तक प्रवेश ने तेंदुए से जूझते हुए अपने पिता से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि तेंदुए ने बार-बार मुझे काटने और खरोंचने की कोशिश की, लेकिन मैं उसके जबड़े और पंजों को काबू में रखने में कामयाब रहा। उन्होंने आगे कहा कि तेंदुए के दांत मेरी पकड़ में फंस गए थे। मैं उसके जबड़ों पर जोरदार मुक्के मारने में कामयाब रहा। जैसे ही तेंदुआ नीचे गिरा प्रवेश ने एक लाठी उठाई और उसे फिर से मारा।
इधर शोर सुनकर प्रवेश के पिता लाठी लेकर मौके पर पहुंचे, हालांकि तब तक तेंदुआ चोटों के कारण दम तोड़ चुका था। इस घटना के बाद, शर्मा को अर्की अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के बाद उसी शाम उन्हें छुट्टी दे दी गई।
वन विभाग ने उनकी बहादुरी को पहचानते हुए उन्हें तत्काल राहत के तौर पर 5,000 रुपये दिए। इस हमले से पास के बियोली जंगल से इस क्षेत्र में तेंदुओं द्वारा उत्पन्न लगातार खतरे का भी पता चलता है। कुछ ही दिन पहले, 6 मार्च को, एक तेंदुए ने दोपहिया वाहन चला रहे एक ग्रामीण पर हमला करने की कोशिश की, जिससे वह अपनी जान बचाने के लिए भागने पर मजबूर हो गया।
कुछ सप्ताह पहले ही उस तेंदुए ने गांव में एक कुत्ते को मार डाला था। 6 मार्च के हमले के बाद, ग्रामीणों ने स्थानीय वन ब्लॉक अधिकारी से शिकायत की और उनसे तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने का आग्रह किया, लेकिन अधिकारी ने उन्हें शिमला स्थित मुख्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी, युवक के पिता बालक राम शर्मा ने बताया कि वन अधिकारियों ने अब उन्हें आश्वासन दिया है कि क्षेत्र में घूम रहे किसी भी तेंदुए को पकड़ लिया जाएगा।

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