पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ किया युद्ध का ऐलान, और बिगड़ सकते हैं हालात

इस्लामाबाद/एजेंसी। भारत के पड़ोस में भीषण जंग शुरू हो गई है। यहां शुक्रवार को पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा विवाद बड़े सैन्य संघर्ष में तब्दील हो गई। पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान के साथ खुली जंग ऐलान भी कर दिया, जिसके बाद तालिबान ने हमलों का जवाब देने की बात कही है। इससे हालात और बिगड़ सकते हैं। इस बीच चीन, ईरान और रूस जैसे देशों ने मध्यस्थता की पेशकश की है। वहीं संयु्क्त राष्ट्र ने भी इस पर चिंता जताई है।
ताजा संघर्ष तब शुरू हुआ जब अफगानिस्तान ने पाकिस्तान द्वारा बीते सप्ताह किए गए हवाई हमलों का जवाब देते हुए गुरुवार देर रात जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। काबुल ने दावा किया कि उसने डूरंड लाइन पर करीब 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और पाकिस्तान की 15 से अधिक चौकियों पर कब्जा कर लिया।
इसके बाद पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू कर अफगानिस्तान में भीषण हवाई हमले किए जिनमें 130 से ज्यादा तालिबान लड़कों के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। पाकिस्तान ने शुक्रवार तड़के काबुल, कंधार और पक्तिया में बमबारी की है।
जंग के बीच ईरान ने भी अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने X पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान बातचीत में मदद करने और दोनों देशों के बीच समझ और सहयोग बढ़ाने के लिए कोई भी जरूरी मदद देने के लिए तैयार है।”
बता दें कि ईरान की सीमा पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों से लगती है। ईरान ने जहां पाकिस्तान के साथ करीबी रिश्ते बनाए रखे हैं वहीं तालिबान अधिकारियों के साथ भी बातचीत जारी रखी है। हालांकि ईरान ने तालिबानी शासन को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी है। ईरान पर बीते कुछ दिनों से अमेरिकी हमलों की आशंका गहराई है।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग शुरू होने के बाद पाक पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने यहां किसी भी खतरे को भांपते हुए ‘सुसाइड स्क्वॉड’ तैयार कर लिया है। जंग के हालातों के बीच अफगानिस्तान की सरकारी न्यूज एजेंसी बख्तर न्यूज ने कथित तौर पर आत्मघाती हमलावरों की एक बटालियन की तस्वीर जारी की है। एजेंसी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा कि ये हमलावर विस्फोटक जैकेट और कार बम से लैस हैं और अहम ठिकानों पर हमला करने के लिए तैयार हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष कई महीनों से चली आ रही तनातनी का परिणाम है। पाकिस्तान हाल के वर्षों में बढ़ती चरमपंथी हिंसा के लिए तहरीक-ए-पाकिस्तान (टीटीपी) और प्रतिबंधित बलूच अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार ठहराता है। टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन उसका उससे करीबी संबंध माना जाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी अफगानिस्तान की सरजमीं से काम करता है, हालांकि काबुल और यह संगठन दोनों इस आरोप से इनकार करते हैं।
चीन ने पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर हाल ही में हुए संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने कहा है कि चीन अपने चैनलों के जरिए जंग में मध्यस्थता की पेशकश करेगा और दोनों पड़ोसियों के बीच तनाव कम करने में एक अहम भूमिका निभाने को तैयार है।

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