कानपुर के पनकी में बच्ची को बोरे में भरा और भागने लगी महिला, पुलिस ने दर्ज की अपहरण की एफआईआर

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर से बच्चा चोरी जैसी घटना सामने आई है। कानपुर के पनकी इलाके से यह मामला सामने आया है। यहां चार साल की मासूम को एक महिला बोरे में भरकर भागने लगी। राहगीरों ने महिला को ऐसा करते देख लिया। राहगीरों की नजर में आते ही महिला भागले लगी। हालांकि, लोगों ने उसे दौड़ाकर पकड़ा और धुनाई कर दी। इस दौरान महिला पागलों जैसा व्यवहार करने लगी। मामले की पूछताछ के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को बुलाया गया है। मामले में कानपुर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज की है।
पनकी के गंगागंज कच्ची बस्ती में बंधा के किनारे झोपड़ी बनाकर रहने वाले मनीष यादव ई-रिक्शा चलाते हैं। परिवार में पत्नी पूजा और चार वर्षीय बेटी सेजल हैं। शनिवार देर शाम सेजल घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान एक महिला ने उसे टॉफी का लालच देकर पास बुलाया। इसके बाद उसके ऊपर बोरा डाल दिया। फिर वह बच्ची को उठाकर ले जाने लगी। बोरे से बच्ची के रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने महिला को रोकने का प्रयास किया। लोगों के टोकने पर बच्ची को लेकर महिला भागने लगी। बोरे में बच्ची छटपटा रही थी। लोगों ने उसे बाहर निकाला। राहगीरों ने बताया कि महिला ने उसे बेटी बताया और लोगों को बरगलाने का प्रयास किया। इस पर भीड़ का गुस्सा फूट पड़ा। महिला की पिटाई शुरू कर दी गई।
महिला ने पकड़े जाने के बाद पागलों की तरह व्यवहार शुरू कर दिया। बाद में पूछताछ में उसने बताया कि वह गोंडा की रहने वाली है। उसने अपना नाम कुनका बताया। वह कला का पुरवा गांव में रह रही है। एडीसीपी ने मामले में कहा कि घटना का जल्द ही पूर्ण खुलासा किया जाएगा। कुनका किसी गैंग से जुड़े होने का अंदेशा जताया जा रहा है। कानपुर में इन दिनों बच्चा चोर गैंग के सक्रिय होने की बात सामने आई है। पहले भी इस तरह की वारदातें सामने आ चुकी हैं। कुछ का खुलासा हुआ और आरोपी जेल भेजे गए। वहीं, कई मामलों में अब तक एक्शन नहीं हो पाया है। यह बच्चा चोर गैंग बस्ती या रोड किनारे रहने वाले गरीबों के बच्चों को टारगेट करते हैं। दरअसल, इन बच्चों को चुराकर बाहर बेचना आसान होता है। पुलिस भी जल्दी एक्शन नहीं लेती है। चाइल्ड लाइन के आंकड़ों के तहत, शहर में हर माह 60-70 बच्चे गायब होते हैं। अधिकतर आसानी से कुछ समय बाद मिल जाते हैं, जबकि 7 से 8 बच्चे कभी नहीं मिलते। पनकी में बच्चा चोरी पहली घटना नहीं है। बच्चा चोरों की हड़कत पर अब पुलिस ने गंभीरता से विचार कर एक्शन की योजना तैयार की है।




