आनंद विहार बस अड्डे के पास बिना बिल बिक रहे मोबाइल, आईएमईआई ट्रेसिंग भी बेअसर, बढ़ सकता है साइबर क्राइम
थाने से चंद कदमों की दूरी पर चल रहा अवैध धंधा

पूर्वी दिल्ली। दिल्ली को लेकर अक्सर लोग साेचते हैं कि देश की राजधानी है तो यहां कानून का राज होगा। यहां के लोग नियम कायदे मानते होंगे। अभी तक लोगों ने सड़कों के किनारे फल, सब्जी व कपड़े बिकते हुए देखे होंगे लेकिन आनंद विहार बस अड्डे के बाहर फुटपाथ व फुटओवर ब्रिज के ऊपर पुराने मोबाइल बिना बिल बेचे जा रहे हैं। यह सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है।
कीपैड मोबाइल 150 से तीन सौ रुपये और स्मार्टफोन एक से दो हजार रुपये में मिल जाते हैं। आशंका है अधिकतर चोरी व झपटमारी के मोबाइल हैं। सवाल यह अगर इन खरीदे गए मोबाइल से कोई साइबर अपराध समेत अन्य वारदात करता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। बिल नहीं होगा और स्थायी दुकान नहीं है तो पुलिस यह साबित भी नहीं कर सकती वारदात करने वाले ने किससे मोबाइल खरीदा।
आनंद विहार बस अड्डा के पास ही रेलवे स्टेशन व कौशांबी बस अड्डा बना हुआ है। यहां अनुमानित एक दिन में यात्रियों की संख्या एक लाख से अधिक रहती है। उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों के यात्री यहां पर आते हैं। बस अड्डे के बाहर सड़क पार करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने फुटओवर ब्रिज बनाया हुआ है। यह फुटओवर ब्रिज दिल्ली का एकमात्र ऐसा फुटओवर है, जहां पर अवैध रूप से पटरी लगती है। कई लोग ऐसे हैं जो यहां पर पुराने मोबाइल बिना बिल के बेचते हैं। सस्ती कीमत पर मोबाइल देखकर लोग खरीद लेते हैं। पुलिस आईएमईआई नंबर से मोबाइल ट्रेस करती है लेकिन अगर मोबाइल खरीदने और बेचने वाले का पता ही नहीं तो कैसे उसे ट्रेस किया जाएगा। मोबाइल बेचने वालों को पुलिस का कोई खौफ नहीं है। यह हालत तब है जब दिल्ली अधिकतर समय हाई अलर्ट रहती है।
जागरण संवाददाता ने जब मोबाइल बेचने वालों से पूछा कि वह मोबाइल कहां से लाते हैं। इसपर उन्होंने कहा तुम्हें इससे क्या मतलब। रुपये दो और मोबाइल खरीदो। बिल का कोई झंझट ही नहीं। उनसे पूछा कि क्या पुलिस पकड़ती नहीं है। वह हंसने लगे। यह सबकुछ पटपड़गंज औद्योगिक क्षेत्र थाने से चंद कदमों की दूरी पर हो रहा है। पुलिस इस मामले को लेकर लापरवाह है। बता दें पिछले साल लालकिला मेट्रो के पास ही ब्लास्ट होने से कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए थे। यमुनापार की गाजीपुर फुल मंडी व सीमापुरी क्षेत्र में कुछ वर्ष पहले विस्फोटक आईईडी भी मिला था। तीनों ही वारदात में आतंकी कनेक्शन सामने आया था।





