सिक्किम की डॉक्टर इंदौर कॉन्फ्रेंस में प्रेजेंटेशन देते समय गिरीं, ब्रेन एन्यूरिज्म से इलाज के दौरान मौत

इंदौर/मध्य प्रदेश। इंदौर में आयोजित हुई यूरोलॉजी की अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस USICON-2026 में शामिल होने आईं सिक्किम की प्रसिद्ध महिला यूरोलॉजिस्ट डॉ. त्सेरिंग (डोमा) भूटिया का इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कॉन्फ्रेंस में प्रिजेंटेशन देते समय अचानक गिर पड़ीं थीं। दरअसल, घटना शनिवार दोपहर की है जब इंदौर में चल रही USICON-2026 कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. भूटिया मंच पर अपना प्रेजेंटेशन दे रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे मंच पर ही गिर पड़ीं। यह देख कॉन्फ्रेंस हॉल में मौजूद डॉक्टरों और डेलिगेट्स में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर देकर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।
प्राथमिक इलाज के बाद डॉ. भूटिया को तुरंत लाइफ केयर हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसी शाम उन्हें अपोलो हॉस्पिटल रेफर किया गया जहां मेडिकल जांच के बाद पता चला कि उन्हें पहले से ही ब्रेन एन्यूरिज्म की समस्या थी। डॉक्टरों के अनुसार ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग की नस का एक कमजोर हिस्सा होता है जो अचानक फटने पर गंभीर ब्लीडिंग का कारण बनता है। इसी दौरान ब्रेन की नस फटने से उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई और वे बेहोशी की हालत में वेंटिलेटर पर चली गईं।
सोमवार को डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मुंबई के मेदांता हॉस्पिटल एयरलिफ्ट करने की योजना बनाई थी। हालांकि परिजनों की सहमति से उन्हें इंदौर स्थित मेदांता हॉस्पिटल में ही शिफ्ट किया गया। यहां विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज जारी रहा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद आज तड़के उन्होंने अंतिम सांस ली।
डॉ. त्सेरिंग (डोमा) भूटिया मूल रूप से सिक्किम की रहने वाली थीं। डॉ. भूटिया का परिवार बौद्ध धर्म को मानने वाला है। इसी कारण उनके पार्थिव शरीर को एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है जहां शव को सुरक्षित रखने के लिए एम्बाल्मिंग की प्रक्रिया की जा रही है। आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उनका शव अंतिम संस्कार के लिए सिक्किम रवाना किया जाएगा।

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