गाजियाबाद के लोनी बस डिपो में रैन बसेरा, न अलाव, ठंड में राहगीरों को हो रही परेशानी

लोनी/गाजियाबाद। लोनी बस डिपो में लोगों के लिए न तो रैन बसेरा बन सका है और न ही अलाव की व्यवस्था की जा सकी है। ऐसे में राहगीरों और मुसाफिरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। खुले में सोकर लोग यहां रात गुजार रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही क्षेत्र के कई स्थानों पर अलाव की बेहद आवश्यकता है।
लोनी डिपो में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। ऐसे में यात्रियों को देर रात तक बस के इंतजार में खड़े रहना पड़ता है। लोनी डिपो में नगर पालिका द्वारा रैन बसेरा बनाया जाता है। दिसंबर का महीना आधा बीतने वाला है लेकिन अभी तक पालिका द्वारा न ही रैन बसेरा बनाया गया है और न ही अलाव जलाने का इंतजाम किया गया है। इससे यात्रियों व राहगीरों को काफी समस्या हो रही है।
लोनी डिपो से कुछ दूरी पर खुले आसमान में लोग सोते नजर आए। वहीं, लोनी के जिला संयुक्त 50 शैय्या अस्पताल में प्रतिदिन महिलाओं को प्रसव के लिए भर्ती किया जाता है। उनके साथ दो से तीन तीमारदार भी रहते हैं। रात में तीमारदार अस्पताल परिसर में या अस्पताल भवन के अंदर लगी बैंच पर समय काटते हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई व्यवस्था नहीं की गई है। नगर के किसी चौराहे पर भी अभी अलाव और रैन बसेरे की व्यवस्था नहीं है।
अस्पताल में रात में लोग इमरजेंसी में उपचार कराने आते हैं। ऐसे में मरीज व तीमारदार दोनों को ठंड में अस्पताल में रुकना मजबूरी रहती है। लोनी नगर पालिका अधिशासी अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि ठंड कम थी इसलिए रैन बसेरा नहीं बनाया गया। लोनी रेलवे स्टेशन के पास एक स्थायी शेल्टर होम है। जल्द ही डिपो समेत अन्य स्थानों पर अलाव की व्यवस्था कराई जाएगी।

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