वाराणसी के कैंट क्षेत्र में अवैध शस्त्र फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक आरोपी गिरफ्तार

भारी मात्रा में निर्मित, अर्धनिर्मित असलहे, उपकरण और कारतूस बरामद

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वाराणसी जिले के कैंट थाना क्षेत्र में स्थित रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-9 के पीछे एक किराए के मकान में अवैध शस्त्र निर्माण की फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने मौके से भारी मात्रा में तैयार और अर्धनिर्मित असलहा, उपकरण और सामग्री बरामद की है। इस सिलसिले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इस फैक्ट्री के जरिए तैयार हथियारों की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों में अवैध रूप से की जाती थी। आरोपी प्रति असलहा 25 से 30 हजार रुपये में बेचता था, जबकि बिहार के मुंगेर से मंगवाए गए असलहे 50 से 60 हजार रुपये तक में बेचे जाते थे। यह कारोबार बेहद गुप्त तरीके से किराए के मकान में संचालित किया जा रहा था।
दरअसल, एसटीएफ को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि वाराणसी जिले में अवैध असलहों का निर्माण कर उन्हें प्रदेश भर में तस्करी के जरिए बेचा जा रहा है। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ लखनऊ, दिनेश कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को खुफिया तंत्र के जरिए सूचनाएं एकत्र करने का निर्देश दिया गया, जिसके तहत लगातार निगरानी और गुप्त प्रयास जारी थे। पुख्ता सूचना के आधार पर एसटीएफ टीम को जानकारी मिली कि गैंग का एक सक्रिय सदस्य मिठाई लाल चौधरी कैंट रेलवे स्टेशन के पास किसी से मिलने आने वाला है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने मौके पर पहुंचकर संदिग्ध युवक को दबोच लिया। उसके पास से दो पिस्टल बरामद हुईं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुबूल किया कि वह किराए के मकान में अवैध रूप से शस्त्र बनाता है और उन्हें ऊंचे दामों पर बेचता है।
एसटीएफ को गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने उसके बताए पते पर छापा मारा, जहां एक अवैध रूप से संचालित शस्त्र फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ। मौके से बड़ी संख्या में तैयार और अर्धनिर्मित हथियार, कारतूस, शस्त्र बनाने के उपकरण और कच्चा माल बरामद किया गया। आरोपी ने यह भी बताया कि फैक्ट्री में बनाए गए हथियारों की गुणवत्ता जांचने के लिए वह ट्रायल करता था, जिसमें कुछ मिस कारतूस भी इस्तेमाल किए गए थे। इस कार्रवाई के बाद एसटीएफ अब गैंग के अन्य सदस्यों और सप्लाई चेन का पता लगाने में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि यह नेटवर्क कई जिलों में फैला हो सकता है और इसमें अन्य लोग भी संलिप्त हो सकते हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

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