ये कैसा न्याय! 12 साल की बच्ची से रेप, 3 दशक तक केस लड़ता रहा परिवार और हाई कोर्ट ने 30 साल बाद दी महज 5 साल कैद

मुंबई/एजेंसी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने घटना के 30 साल बाद नाबालिग के साथ रेप के मामले में दोषी आरोपी को 5 साल के लिए जेल भेजा है। घटना के समय में 20 वर्षीय आरोपी ने 12 साल की पीड़िता के साथ 16 अक्टूबर, 1993 को घिनौनी हरकत की थी। मालेगांव सेशन कोर्ट ने 15 अप्रैल, 1997 को आरोपी एन.एच.अहीरे को दोषी ठहराया था। कोर्ट ने आरोपी को आईपीसी की धारा 376 और 511 के तहत दोषी मानते हुए पांच साल की सजा सुनाई थी। सजा के खिलाफ आरोपी ने हाई कोर्ट में अपील की थी। अपील के प्रलंबित रहते हाई कोर्ट ने 1997 में आरोपी की सजा पर रोक लगा दी थी। अब हाई कोर्ट ने 21 सितंबर, 2023 को उपलब्ध आदेश में आरोपी की अपील को खारिज़ कर दिया है, साथ ही आरोपी को 30 अक्टूबर, 2023 को मालेगांव कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत को आरोपी को जेल भेजने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है। जस्टिस भारती डांगरे के सामने आरोपी की अपील पर सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस डागरे ने पाया कि आरोपी वारदात को अंजाम दे पाता, तब तक मौके पर कोई आ गया। आरोपी को मौके से भागना पड़ा।
आरोपी के वकील की दलील
आरोपी के वकील ने कहा कि केस के गवाहों के बयान में काफी विसंगतियां हैं। पीड़िता के कपड़ों में सीमेन के दाग नहीं मिले हैं। केस दर्ज करने में देरी हुई है। पीड़िता के शरीर में चोट के निशान गिरने से भी लग सकते हैं। इस पर जस्टिस डांगरे ने कहा, गवाहों के बयान के विसंगति की प्रकृति ऐसी नहीं है कि वह अभियोजन पक्ष के मामले की सत्यता को प्रभावित करें। बयानों से बलात्कार के प्रयास से जुड़ी घटना की पुष्टि होती है।
निचली अदालत का फैसला माना सही
अभियोजन पक्ष ने आरोपी पर लगे आरोपों को संदेह के परे जाकर साबित किया है। निचली अदालत द्वारा आरोपी को इस मामले में दोषी ठहराने के फैसला सही है। इस दौरान जस्टिस डांगरे ने पूछा कि आरोपी कब तक सरेंडर करेगा। आरोपी के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को 1997 में दोषी ठहराया गया था। इसलिए सरेंडर के लिए 6 माह का समय दिया जाए। बहरहाल, जस्टिस डागरे ने आरोपी को सरेंडर के लिए केवल 30 अक्टूबर तक का समय दिया।

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