दिल्ली में सीबीआई की फर्जी रेड कर 2.5 करोड़ की डकैती, 2 गिरफ्तार, एक करोड़ हुए रिकवर

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली ब्यूरो। दो कारों में आए 7 बदमाशों ने मंगलवार शाम विवेक विहार में सरेशाम सीबीआई की फर्जी रेड कर ढाई करोड़ की डकैती डाल दी। वारदात में इस्तेमाल एक कार में ‘भारत सरकार’ लिखा था। सफारी सूट पहन कर आए बदमाशों के गले में आई-कार्ड लटके थे, जिनमें सरकारी लोगो लगा था और ‘ब्यूरो’ लिखा हुआ था। सभी के हाथ में वॉकी-टॉकी थे। कारोबारी के कर्मचारी और दोस्त की पिटाई भी की। दोनों को अगवा कर ले गए और जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि मनप्रीत सिंह (41) परिवार समेत गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रहते हैं। उनका प्रॉपर्टी डीलिंग, फाइनैंस, कंस्ट्रक्शन, कमिशन और कंसल्टेंसी का कारोबार है। करीब एक साल पहले उन्होंने विवेक विहार के बी-ब्लॉक में एक कोठी लीज पर ली थी। इसका इस्तेमाल ईस्ट दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के बिजनेस गतिविधियों के रिकॉर्ड और कारोबारी से आने वाले कैश को रखने के लिए किया जा रहा था। शाहदरा निवासी दीपक माहेश्वरी (58) को केयर टेकर के तौर पर रखा था। बिजनेस से छह-सात महीने से आई करीब ढाई करोड़ रुपये की रकम इसी कोठी में रखी थी।कार सवार ने रास्ता रोका
मंगलवार शाम करीब 6:00 बजे शाहदरा के नत्थू कॉलोनी निवासी दोस्त रविशंकर को 1.10 करोड़ रुपये इंदिरापुरम स्थित अपने घर लेकर जाने के लिए दिए। रविशंकर जैसे ही स्कूटर से जाने लगे, तभी एक कार ने रास्ता रोका। एक महिला सफारी सूट पहने निकली, जिसने उनके गाल पर तमाचा मारा। कार में तीन अन्य युवक थे, जिनमें से एक ने बताया कि वो सीबीआई (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन) से हैं। कोठी में रेड करने आए हैं। जेल भेजने की धमकी देते हुए कैश से भरा बैग छीन कार में रख लिया। तभी एक और कार आई, जिससे तीन युवक उतरे। सभी उन्हें भीतर ले गए।
कोठी के भीतर ले जाकर केयरटेकर से मारपीट
भीतर पहुंच केयर टेकर दीपक के साथ मारपीट करने लगे। इसके बाद कोठी के अंदर रखा बाकी का कैश भी बटोर लिया। खुद को सीनियर अफसर बता रही सफारी सूट पहनी हुई महिला को सारा कैश सौंप दिया। रवि और दीपक दोनों को कार में बिठा कर ले गए। रवि को दिलशाद गार्डन के पास चिंतामणी रेस्टोरेंट के करीब फेंक गए, जबकि रवि को यमुना बाजार स्थित निगम बोध घाट के पास फेंका। किसी को कुछ नहीं बताने की धमकी दे गए। बदमाश दीपक का फोन, जबकि रवि का बैग भी अपने साथ ले गए। कारोबारी की शिकायत पर बुधवार रात को केस दर्ज किया गया।
डीसीपी (शाहदरा) प्रशांत गौतम ने बताया कि दोनों कारें फरीदाबाद में मिलीं। साकेत मेट्रो स्टेशन स्थित एक एनजीओ ने इन्हें किराए पर लिया था। एनजीओ ऑफिस में छापा मार असम निवासी पोपोरी बरुआ (31) और तुगलकाबाद के दीपक (32) को अरेस्ट किया गया। इनसे 1.08 करोड़ रुपये बरामद हो गए।

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