सुंदर नगरी की रहने वाली कोमल की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा

हत्या के आरोप में प्रेमी सहित एक अन्य आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली/ब्यूरो। सुंदर नगरी की रहने वाली 22 साल की कोमल की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर लिया है। इस मामले उसी के दोस्त सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जिनकी पहचान आसिफ और जुबैर के रूप में की गई है। आसिफ टैक्सी ड्राइवर है और मृतक लड़की के साथ वाली गली में रहता था। वह काफी समय से कोमल को जानता था। लेकिन उसको शक हो गया था, कि कोमल की बातचीत किसी दूसरे से भी होती है।उसी के चक्कर में उसने 12 मार्च को धोखा देकर कोमल को घर छोड़ने का बहाना कर गाड़ी में बिठाया। रास्ते में गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद बॉडी को छावला में ले जाकर ड्रेन में डालकर डंप कर दिया, लेकिन चार दिन बाद पोल खुल गई।
कोमल 12 मार्च को लापता हुई थी, जब वह ऑफिस से घर नहीं लौटी। तब परिवार वालों ने सबसे पहले अपने क्षेत्र के नंद नगरी थाने पहुंचे। परिवार वालों के अनुसार पुलिस ने कहा लड़की जॉब जिस क्षेत्र में करती है। वहां से गायब हुई है, तो वहां शिकायत करो। परिवार वाले प्रीत विहार गए। वहां पुलिस ने बोला लास्ट लोकेशन जहां की आ रही है, वहां शिकायत करो। उस दिन रात ज्यादा हो गई, तो 13 मार्च को सुबह फिर सीमापुरी पहुंचे। वहां पर मिसिंग की शिकायत दर्ज कराई गई। तब परिवार को उम्मीद हुआ। नंद नगरी नॉर्थ ईस्ट जिला में, प्रीत विहार ईस्ट जिला में और सीमापुरी थाना शाहदरा जिला में आता है।
कोमल की गुमशुदगी की एफआईआर सीमापुरी थाना में 13 मार्च को दर्ज तो हो गई, लेकिन उसके बारे में परिवार को कुछ पता नहीं चला। मृतक के रिलेटिव अजय ने बताया कि 19 मार्च को छावला पुलिस का फोन आया कि एक लड़की की बॉडी मिली है। आकर शिनाख्त करने के लिए, क्योंकि आपने भी मिसिंग की FIR दर्ज करा रखी है। जब परिवार वाले राव तुलाराम हॉस्पिटल पहुंचे तो उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस में कोमल की बॉडी की पहचान की।
जाफरपुर कला हॉस्पिटल के पोस्ट मार्टम हाउस में आज कोमल की बॉडी का पोस्ट मार्टम करके परिवार वालों को सुपर्द कर दिया गया। वहां से शाम में बॉडी सुंदर नगरी कोमल के घर पहुंची। परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल था। वहां पर काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। उसी को देखते हुए एहतियातन काफी संख्या में पुलिस फोर्स की भी उस इलाके में तैनाती की गई। देर शाम कोमल की बॉडी का दाह संस्कार उसी इलाके के शमशान घाट में किया गया।
एक कॉल सेंटर में जॉब करने वाली कोमल की हत्या के मामले में परिवार का आरोप है, उसकी बॉडी को डंप करने के लिए उसके गले से पत्थर बांधकर डाल दिया गया था। जिससे कि पता नहीं चल सके। लेकिन कई दिनों के बाद जब बॉडी पानी में फूलकर बाहर आई तब पुलिस को भी पता चल गया। बॉडी 16 – 17 मार्च की रात छावला पुलिस को मिली थी। फिर उन्होंने छानबीन शुरू की और एक दिन बाद 19 मार्च को परिवार वालों से संपर्क किया।
द्वारका डीसीपी अंकित सिंह ने गिरफ्तारी के बारे में बताया कि आरोपियों की पहचान आसिफ और जुबैर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी टेक्सी चलाता है और आपस में दोस्त हैं। आसिफ लड़की के पड़ोस में ही रहता है। वारदात वाले दिन वह कोमल को टैक्सी में बिठाया, रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ। उसके बाद गुस्से में आसिफ ने कोमल का गला घोंट दिया। उसके बाद जुबैर की मदद से बॉडी को छावला ड्रेन में ले जाकर डंप कर दिया। जिससे किसी को उसके बारे में पता नहीं चल पाए।
आसिफ टैक्सी चलाता है, वह एयरपोर्ट तक आता जाता रहता है। इसलिए उसको रास्ते की पूरी जानकारी थी। छावला इलाके के बारे में भी उसको पता था। नाले में कहां डंप करना था, वह देखकर उसने ऐसा किया। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से होता हुआ वह गाड़ी लेकर सीधा छावला ड्रेन में डंप करके फरार हो गया।
जब कोमल लापता हुई, तो उसके खोजबीन के दौरान घरवाले ने उसकी सहेली से पूछा तो उसने बताया कि वह आसिफ के साथ थी। उसके बाद परिवार वाले आसिफ से पूछे तो उसने बताया कि साथ आई थी गाड़ी में, लेकिन बाद में रास्ते में उसे छोड़ दिया। उसके बाद पता नहीं कोमल कहां गई, कहां नहीं। उसे लग रहा था, बॉडी नहीं मिलेगी तो पता ही नहीं चलेगा उसने हत्या कर दी है।

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