नमो भारत ट्रेन में छूटा कीमती सामान? अब घबराएं नहीं, गाजियाबाद ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सेंटर से पा सकते हैं वापस
Namo Bharat: Did you leave your valuables behind in the train? Don't panic now, you can get them back from Ghaziabad 'Lost and Found' centre

मेरठ/उत्तर प्रदेश। मेरठ से दिल्ली के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को बढ़ाया गया है। अगर आपने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ रूट पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन में अपना मोबाइल, लैपटॉप या अन्य कोई जरूरी सामान भूलवश छोड़ दिया है, तो चिंता की कोई बात नहीं। एनसीआरटीसी ने यात्रियों की सुविधा के लिए गाजियाबाद स्टेशन पर ‘लॉस्ट एंड फाउंड’ सेंटर स्थापित किया है, जिसकी मदद से अब तक 160 से अधिक कीमती वस्तुएं यात्रियों को सुरक्षित लौटाई जा चुकी हैं।
गाजियाबाद लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर से लौटाए गए सामानों में लैपटॉप, स्मार्टफोन, घड़ियां, दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट्स, नकदी सहित बटुए, ब्लूटूथ डिवाइस, इयर बड्स, ट्रॉली बैग, आईपैड, चाबियां, किताबें और कपड़े शामिल हैं। ये सभी सामान ट्रेनों में तैनात ट्रेन अटेंडेंट्स की सतर्कता और ईमानदारी से लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर तक पहुंचाए गए।
नमो भारत कॉरिडोर पर अक्टूबर 2023 से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ था, जो अब न्यू अशोक नगर (दिल्ली) से लेकर मेरठ साउथ तक विस्तारित हो चुका है। ट्रेनों में नियुक्त अटेंडेंट लगातार निगरानी करते रहते हैं और यात्रियों द्वारा छोड़ी गई वस्तुओं को तुरंत केंद्र तक पहुंचाते हैं।
यात्री अपने सामान को वापस पाने के लिए ‘नमो भारत कनेक्ट’ मोबाइल ऐप का सहारा ले सकते हैं। ऐप में मौजूद “लॉस्ट एंड फाउंड” सेक्शन में जाकर छूटे सामान की सूची देखी जा सकती है। यदि आपकी वस्तु सूची में हो, तो आप गाज़ियाबाद स्टेशन पर लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर में जाकर उचित पहचान और वेरिफिकेशन के बाद उसे प्राप्त कर सकते हैं।
जो यात्री ऐप का प्रयोग नहीं करते, वे भी सीधे गाजियाबाद स्टेशन पहुंचकर सेंटर से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, 08069651515 पर कॉल करके या स्टेशन कंट्रोल रूम के नंबरों पर संपर्क कर वस्तु की जानकारी दी जा सकती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि स्टेशनों पर छूटा सामान 24 घंटे के भीतर उसी स्टेशन से वापस लिया जा सकता है।
वहीं, ट्रेनों में छूटा सामान गाजियाबाद लॉस्ट एंड फाउंड सेंटर से मिलता है। यदि कोई सामान 6 माह तक अनक्लेम्ड रहता है, तो उसे तय प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया जाता है।




