किडनी के फिल्टर ब्लॉक कर देती हैं ये 5 ड्रिंक्स, ब्लैडर में भरने लगेंगे कंकड़, पीला आएगा पेशाब

These 5 drinks block the kidney filters, stones will start filling up in the bladder, urine will turn yellow

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर की गंदगी निकलने और खून साफ करने का काम करती हैं, मगर आप जो रोजाना ड्रिंक्स पी रहे हैं, वो उनका काम ठप कर सकती हैं इसलिए आपको इन ड्रिंक्स को पीने से बचना चाहिए। आप रोजाना जो भी पेय पदार्थ पीते हैं, उनका किडनी की सेहत पर बड़ा असर पड़ सकता है। बेशक इसका असर तुरंत नहीं दिखता लेकिन बाद में पता चल जाता है। किडनी शरीर से गंदगी को फिल्टर करने, तरल संतुलन बनाए रखने और इलेक्ट्रोलाइट्स को कंट्रोल करने का काम करती हैं। आप क्या और कितना पीते हैं इससे सीधे रूप से किडनी के ये काम प्रभावित होते हैं।
​किडनी का क्या काम है? सादा पानी पीना किडनी के ग्लोमेर्युलर फिल्ट्रेशन में मदद करता है, जिसमें किडनी खून को फिल्टर करके उसमें से पानी, नमक और छोटे अणुओं को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। बहुत ज्यादा या बहुत कम पानी पीना क्रॉनिक किडनी डिजीज में परेशानी बढ़ा सकता है।
जिन लोगों की किडनी नॉर्मल है, अगर वे बार-बार डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का शिकार होते हैं तो उन्हें किडनी डैमेज और किडनी स्टोन का खतरा हो सकता है। वहीं, बहुत ज्यादा पानी पीना भी हानिकारक हो सकता है क्योंकि इससे हाइपोनेट्रेमिया (सोडियम की कमी) हो सकती है, जो खतरनाक है।
नेशनल किडनी फाउंडेशन (ref.) के अनुसार, ऐसे पेय पदार्थ जिनमें ज्यादा शुगर या फ्रुक्टोज होता है, वे यूरिक एसिड बढ़ा सकते हैं और किडनी पर दबाव डाल सकते हैं। शराब, फ्रूट जूस, एनर्जी ड्रिंक्स और स्पोर्ट्स ड्रिंक्स भी अगर ज्यादा ली जाएं तो किडनी को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
गंभीर किडनी रोग वाले कुछ लोगों को पेशाब में रुकावट से बचने के लिए तरल पदार्थों की मात्रा कम करनी पड़ती है। दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को भी अपने पीने की आदतों पर ध्यान देना चाहिए। बहुत सारे कोल्ड ड्रिंक्स (सोडा) में काफी मात्रा में फ्रुक्टोज होता है, जो किडनी के ग्लोमेर्युलर फंक्शन को नुकसान पहुंचा सकता है।
एक स्टडी में देखा गया कि जो लोग रोजाना दो केन सोडा पीते थे, उनमें 10% लोगों को प्रोटीन यूरिया (पेशाब में प्रोटीन आना) की समस्या हुई, जो किडनी की गंभीर बीमारी का संकेत है। मीठे पेय पदार्थ मोटापा और इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा भी बढ़ाते हैं, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज होने का खतरा और बढ़ जाता है।
एनर्जी ड्रिंक्स में हाई कैफीन, शुगर और केमिकल्स होते हैं, जो किडनी पर दबाव डालते हैं। ज्यादा कैफीन से डिहाइड्रेशन हो सकता है और यह किडनी तक ब्लड फ्लो को घटा सकता है। शराब का अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर, लिवर डिजीज और किडनी डैमेज का कारण बनता है।
स्पोर्ट्स ड्रिंक्स में भी बहुत ज्यादा सोडियम, शुगर और कलरिंग एजेंट्स होते हैं, जो किडनी के लिए अच्छे नहीं हैं। अगर आपकी एक्सरसाइज 75 मिनट से कम है तो पानी पीना ही काफी है, एनर्जी या स्पोर्ट्स ड्रिंक्स की जरूरत नहीं है।
फ्रूट जूस भी मिला-जुला असर डालता है। यह हाइड्रेशन और पोषक तत्व देता है, लेकिन इसमें ज्यादा शुगर और पोटैशियम होता है, जो किडनी के मरीजों के लिए नुकसानदायक है। 100% फ्रूट जूस भी किडनी रोगियों के लिए सही विकल्प नहीं होता क्योंकि इसमें पोटैशियम ज्यादा होता है। नैशनल किडनी फाउंडेशन ने बिना मीठा किया हुआ क्रैनबेरी जूस बेहतर विकल्प बताया है क्योंकि इसमें पोटैशियम और सोडियम कम होते हैं।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। परिपूर्ण न्यूज़ इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button