सीएम योगी ने खींचा श्रीराम का रथ, दो-दो विश्व रेकॉर्ड बना गया अयोध्या का दीपोत्सव 2024

अयोध्या में 28 लाख दीयों के साथ भव्य दीपोत्सव समारोह का आयोजन

अयोध्या/उत्तर प्रदेश। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को भव्य दीपोत्सव समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने दीप जलाकर दीपोत्सव के भव्य आयोजन को शुरुआत दी। इसके बाद दीपों की जगमग से सरयू घाट रोशन हो गया। लेजर शो और होलोग्राम थ्रीडी के सहयोग से राम की महिला का चित्रण किया गया। इससे पहले अयोध्या पहुंचे श्री राम, सीता और लक्ष्मण का स्वागत किया। नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद राम नगरी में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्रीराम के सीता और लक्ष्मण हनुमान और अन्य लोगों के साथ ‘पुष्पक विमान’ (हेलीकॉप्टर) से अयोध्या पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया। भगवान राम के रथ को मुख्यमंत्री और अन्य लोगों ने राम दरबार स्थल तक खींचकर पहुंचाया।आदित्यनाथ ने बाद में उनकी आरती उतारी। बुधवार को शहर में उत्सव का माहौल रहा। छोटी दीपावली के अवसर पर अयोध्या में बुधवार को भव्य दीपोत्सव समारोह के तहत झांकियों की एक शोभायात्रा निकाली गई। रामायण के प्रसंगों को दर्शाती झांकियों में देशभर के शास्त्रीय नर्तकों की प्रस्तुति ने राम पथ पर अपना जादू बिखेरा।
योगी के संबोधन के बाद गिनीज बुक के अधिकारी ने दो नए विश्व रेकॉर्ड की घोषणा की। उन्होंने बताया कि सरयू के किनारे एक साथ एक हजार 121 लोगों ने आरती में भाग लिया। इस साल अयोध्या में यह नया रेकॉर्ड बना है। इसके अलावा अपना ही मौजूदा रेकॉर्ड तोड़ते हुए अयोध्या ने 25 लाख दीये जलाने का नया विश्व रेकॉर्ड बनाया है। योगी ने कहा कि हमारा पर्व और त्योहार एकांगी का प्रतीक नहीं है। ये त्योहार सामाजिक रूप से मनाई जाती है। कम से कम एक परिवार के पास जाना जिसके पास अभाव है। उसके अभाव को अपने भाव से जोड़कर काम करना। प्रदेश के हर घर में दीप जलना चाहिए।योगी ने कहा कि कोरोना का सामना भी हमने किया लेकिन अयोध्या में दीपोत्सव का क्रम कभी थमा नहीं। मैं मानता हूं कि आज फिर दीपोत्सव का कार्यक्रम फिर रेकॉर्ड बनाया होगा। यह शाश्वत क्रम इसी प्रकार चलता रहे यह अयोध्या की जिम्मेदारी बनती। यह दीपोत्सव अयोध्या दुनिया के मानचित्र पर प्रस्तुत करता है। यह अज्ञानता के अंधकार को ही दूर करने वाला नहीं है, समाज के दुश्मनों को संदेश देने का माध्यम है। नाम अलग हो सकते हैं लेकिन वे जिस भी रूप में हैं, उन्हें चेतावनी का माध्यम है। यह अन्याय, अधर्म और अत्याचार के तमस का विनाश करने वाला भी संदेश होना चाहिए।
योगी ने अखिलेश पर निशाना भी साधा। उन्होंने कहा कि जाकी प्रभु दारुण दुख दीन्हा, ताकि मति पहिले हर लीन्हा। यही त्रेता युग में हुआ था। आज भी राजनीति के लिए कुछ लोगों के पितरों को राजनीति के नाम पर चाचा और काकाओं की जमात को भी मालूम है कि देश और समाज के लिए उनके जो कृत्य हैं, वह कहीं भी किसी के लिए न वर्तमान और भविष्य के लिए अच्छे होंगे लेकिन उनकी दुर्गति होनी है इसलिए वे लोग आज फिर वही काम कर रहे हैं- बांटने का काम। ऐसे ही लोगों को प्रश्रय देने का काम कर रहे हैं, जो काम कभी रावण ने किया था। जो काम दुर्योधन और दुःशासन ने किया था और उसके परिणाम क्या हुए सभी जानते हैं। योगी ने कहा कि सनातन दुनिया का सबसे महानतम धर्म है। जीयो और जीने दो वाला धर्म है। सबके कल्याण का मार्ग प्रशस्त करने वाला धर्म है। इस पर जब कोई प्रहार करेगा तो स्वभाविक रूप से स्वयं के ही विनाश का मार्ग प्रशस्त करेगा।
योगी ने कहा कि वे ताकतें जो भारत को कमजोर करना चाहती हैं, वो भारत को बांटने का काम वैसा ही कर रहे हैं जैसे रावण और उसके अनुयायियों का था। नाम का अंतर है। कोई जाति के नाम पर, कोई भाषा के नाम पर, कोई परिवार के नाम पर समाज को बांट रहा है, इसके माध्यम से राष्ट्रीय अखंडता और एकता को चुनौती दी जा रही है। योगी के निर्देश पर उपस्थित जनसमूह ने अपने फोन की लाइट्स ऑन की। इसके बाद योगी ने सभा को संबोधित किया। राम लीला दिखाए जाने के बाद लेजर शो के जरिए भव्य नजारा प्रस्तुत किया गया। समारोह के तहत सरयू नदी के तट पर लाखों दीये जलाए गए। दीयों और रंग-बिरंगी रोशनी, साउंड-लाइट शो के ज़रिए रामलीला का वर्णन किया जा रहा है।

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