दान में मिले सोने-चांदी को गलवाएगा राम मंदिर ट्रस्ट, रिटेनिंग वॉल के चारों तरफ बनेगा 1 किमी लंबा परकोटा

अयोध्‍या,(उत्तर प्रदेश)। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक में दूसरे दिन जहां मंदिर निर्माण की प्रगति और 6 महीनों की भावी निर्माण योजनाओं की समीक्षा की गई। वहीं कई अहम बिंदु भी गंभीर चर्चा में रहे, जिसमें मंदिर ट्रस्‍ट को दान में मिले करोड़ों की लागत के सोने चांदी और अन्‍य धातुओं के आभूषण, सिक्‍के और इंटें आदि के रख-रखाव और इनको जमा रखने की प्रासंगि‍गता चर्चा का अहम मुद्दा रहा। इस बैठक की जानकारी मंदिर ट्रस्‍ट के महासचिव चंपत राय ने दी। उन्‍होंने बताया कि कीमती धातुओं को गलाने और इसका वैल्‍युएशन करवाने का निर्णय किया गया। इनको कब तक सुरक्षित रखा जाए और मंदिर के निर्माण में इसकी उपयोगिता क्‍या होगी, इस पर चर्चा की गई। उन्‍होंने बताया कीमती धातुओं को गलाने और सिक्‍कों को ढालने वाली संस्‍था भारत सरकार की सबसे प्रतिष्ठित संस्‍था मिंट को दान में मिली धातुओं का वैलुएशन करने और गलाने की जिम्‍मेदारी देने का निर्णय किया गया है।

मिंट के अधिकारी भी अपना प्रस्‍ताव लेकर आए थे। अब उनसे अगले चरण पर वार्ता होगी। मंदिर में बिजली का आंतरिक और वाह्य कार्य कैसे करवाया जाए, यह भी चर्चा का प्रमुख बिंदु रहा। यह तय किया गया कि मंदिर के अंदर और बाहर की लाइटिंग की व्‍यवस्‍था अलग-अलग करवाई जाएगी। बाहरी व्‍यवस्‍था में मंदिर को जगमगाने के लिए फसाट लाइट लगेगी। पर यह खास पर्वों और त्‍योहारों के बाद कितने दिन जलेगी, इस पर विचार किया गया। साथ फसाट की लाइट इतनी न लगें कि मंदिर का इलाका प्रदर्शनी बन कर रह जाए।

चंपत राय ने बताया कि मंदिर के बेस प्लिंथ का काम लगभग पूरा हो गया है। पूरे मंदिर का 40 फीसदी काम अब तक पूरा हुआ। रिटेनिंग वॉल के बगल पटाई का काम चल रहा है, जिस पर परकोटा का निर्माण शुरू होगा। चूंकि परिक्रमा मार्ग परकोटे पर बनेगा। ऐसे में श्रद्धालु को धूप से बचाने के लिए इसे छायादार बनाया जाएगा। यह परिक्रमा मार्ग मंदिर के चारों तरफ करीब एक किमी की लंबाई का होगा। जिस पर ऐसे मजबूत पत्‍थरों की फर्श बने जो मजबूती से साथ फिसलन रहित भी हों।
तकनीकी विशेषज्ञों से ऐसे पत्‍थरों के बारे मे राय लेने का निर्णय किया गया है। उन्‍होंने बताया कि बैठक में सहमति बनी है कि राम जन्‍म भूमि मंदिर परिसर में ग्रीनरी को खूबसूरत नजारा दिखें। इसको लेकर परिसर में सड़कों और वृक्षों के खास यमायोजन के साथ लैंड स्‍केपिंग का काम भी चल रहा है। उन्‍होंने बताया कि मंदिर का निर्माण अपने टाइम स्‍केल के मुताबिक तेजी से करवाया जा रहा है। मंदिर निर्माण समिति की बैठक रविवार को सर्किट हाउस में कई घंटे तक चली। इसकी अध्‍यक्षता मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने की। बैठक में राम मंदिर ट्रस्‍ट के सदस्‍यों पदाधिकारी और मंदिर निर्माण का करने वाली संस्‍था एलएंडटी, टीईएस के इंजिनियर मौजूद रहे।

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