‘टार्गेट्स का तरीका और समय, सेना तय करे, पहलगाम हमले के बाद पीएम मोदी ने दी आर्मी को खुली छूट

आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है: पीएम मोदी

नई दिल्ली/एजेंसी। पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार आतंकियों के खिलाफ भारत लगातार कार्रवाई कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में आज (29 अप्रैल) पीएम आवास में हाई लेवल मीटिंग हुई। मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और थलसेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी भी मौजूद थे। यह मीटिंग लगभग ढाई घंटे चली।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पीएम मोदी ने कहा कि सरकार को भारतीय सेना पर पूरा भरोसा है। वहीं, अटैक का तरीका और समय सेना तय करे। पीएम मोदी ने आतंकियों पर कार्रवाई करने के लिए सेना को खुली छूट दी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद को करारा झटका देना हमारा राष्ट्रीय संकल्प है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय सशस्त्र बलों की पेशेवर क्षमताओं में पूर्ण विश्वास और भरोसा जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें (भारतीय सेना) हमारी प्रतिक्रिया के तरीके, लक्ष्य और समय पर निर्णय लेने की पूरी परिचालन स्वतंत्रता है। बैठक में आतंकियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन और भविष्य की रणनीति तैयार हुई। पीएम मोदी ने पहले ही आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इस हमले के बाद पाकिस्तान भी हाई अलर्ट पर है। शहबाज सरकार को आशंका है कि भारतीय सेना पाकिस्तान पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है।
पहलगाम आंतकी हमले के बाद दूसरी बार किसी सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को जैसे ही यह कहा कि ‘हमारे पास समय सीमित है और लक्ष्य बड़े है।’ एक समय तो वहां मौजूद लोगों को लगा कि पीएम आज फिर पहलगाम आतंकी हमले पर बोलेंगे। लोगों की उत्सुकता अचानक से बढ़ी लेकिन अगले ही पल उन्होंने खुद को संभाला और कहा कि ‘ये बात मैं वर्तमान स्थिति के लिए नहीं कह रहा हूं।’

दरअसल, पीएम मोदी ये बात विकसित भारत के लक्ष्य के परिप्रेक्ष्य में कहीं थी। यह बात अलग है कि लोगों की इन दिनों सबसे अधिक उत्सुकता पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर है। जिसे लेकर खुद पीएम मोदी भी कह चुके है कि दोषियों को नहीं बख्सेंगे। पीडितों को न्याय मिलकर रहेगा। वहीं, भारतीय सेना ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के साथ मिलकर बहु एजेंसी संचालन के लिए तत्परता बढ़ाने हेतु संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास आयोजित किया। भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि भारतीय सेना सशस्त्र पुलिस बलों के साथ एक संयुक्त अभ्यास करती है । संयुक्त अभियानों के लिए कौशल को तेज करते हुए हम सभी परिचालन परिदृश्यों के लिए तैयार हैं।
इससे पहले भारतीय सेना ने पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में ग्राम रक्षा समूहों (वीडीजी) के सदस्यों के लिए विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया था। यह प्रशिक्षण संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह पहल स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने और सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सेना के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। प्रशिक्षण सत्रों में हथियार संचालन, सामरिक प्रतिक्रिया और उभरती स्थितियों से निपटने के लिए समग्र तैयारी जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। सेना के जवानों ने प्रशिक्षण के दौरान वीडीजी सदस्यों को व्यापक मार्गदर्शन प्रदान किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सुरक्षा बलों का समर्थन करने और अपने गांवों की प्रभावी रूप से सुरक्षा करने के लिए आवश्यक कौशल से लैस हैं। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में हुए आतंकवादी हमले के बाद सीमा पर तनाव लगातार बढ़ रहा है, भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। सरकार ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के लिए जिम्मेदार आतंकवादियों और साजिशकर्ताओं को कड़ी सजा मिलेगी

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