मुंबई में राम नवमी पर हाई अलर्ट

20 डीसीपी, 51 एसीपी, 2500 ऑफिसर, 11000 स्टाफ और 9 यूनिट एसआरपीएफ तैनात किए गए

मुंबई/एजेंसी। रामनवमी, नवरात्र और हनुमान जयंती जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक अवसरों को देखते हुए मुंबई पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। हाल ही में कुरार पुलिस के तहत मालाड के पठानवाड़ी में गुढीपाडवा कलश यात्रा के दौरान दो गुटों के बीच झड़प के बाद पुलिस पहले से अधिक अलर्ट मोड पर है। इस मामले में अब तक 12 से अधिक लोगों को अरेस्ट किया गया है। कई लोगों से पूछताछ जारी है।मुंबई पुलिस ने अंधेरी, डोंगरी, भायखला, नागपाड़ा, ग्रांट रोड, चेंबूर, गोवंडी, शिवाजी नगर, कुर्ला, मालवणी, जोगेश्वरी और दहिसर सहित कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
अंधेरी में संकट मोचन मंदिर से शुरू होकर चकाला, मरोल पाइपलाइन, मरोशी रोड होते हुए अरे चेक नाका तक रूट मार्च किया गया, जिसमें लगभग 25 से 30 पुलिस अधिकारी और 100 पुलिसकर्मी शामिल रहे। वहीं, दक्षिण मुंबई के भी कई प्रमुख मार्गों पर फ्लैग मार्च आयोजित किया गया। मालवणी में पिछले साल हुई हिंसक घटनाओं को देखते हुए इस बार पुलिस द्वारा और अधिक सतर्कता बरती जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय नेताओं को नोटिस जारी किया गया है।
डोंगरी, भायखला, नागपाडा, मालवणी, गोवंडी, शिवाजी नगर, मानखुर्द, जोगेश्वरी, कुर्ला और चेंबूर आदि मुस्लिम बहुल इलाकों में स्थानीय पुलिस मोहल्ला समितियों के साथ बैठकें कर कानून व्यवस्था पर चर्चा कर रही है। वहीं संवेदनशील इलाकों में अभी से ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है। डोंगरी पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विभिन्न पुलिस स्टेशनों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस मार्च का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा देना और किसी भी संभावित विवाद को रोकना था।
मुंबई पुलिस ने बताया कि कुछ आयोजकों द्वारा शोभा यात्राओं के मार्ग में बदलाव की कोशिशें की जा रही थीं, जिन्हें समय रहते रोका गया। एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुस्लिम बहुल इलाकों से निकलने वाले जुलूसों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है, खासतौर पर जहां जुलूस मस्जिदों के सामने से गुजरते हैं। ड्रोन और सीसीटीवी की मदद से सभी प्रमुख रूट्स पर निगरानी रखी जा रही है। हमारा लक्ष्य किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को रोकना है।
मुंबई पुलिस मुख्यालय से भी जोनल स्तर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के लिए निर्देश दिए गए हैं। बता दें कि पिछले वर्ष रामनवमी के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। जॉइंट सीपी, एडिशनल सीपी और डीसीपी स्तर के अधिकारी स्वयं ग्राउंड पर निगरानी कर रहे हैं, जिससे शहर की शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस दौरान श्वान दस्ता, दंगा निरोधक दस्ता, निर्भया दस्ता और क्यूआरटी के अलावा फायर ब्रिगेड को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है। बताया जा रहा है करीब 15 हजार पुलिसकर्मियों के कंधे पर महानगर की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दी गई है, जिनमें 20 से वरिष्ठ अधिक पुलिस अधिकारियों शामिल हैं।

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