हाथ-पैर बांधकर युवक को पीटा, प्राइवेट पार्ट में डाला मिर्च का घोल, हरियाणा पुलिस का एसएचओ गिरफ्तार
A young man was beaten up after his hands and legs were tied, chilli powder was poured into his private parts, Haryana Police SHO arrested

पलवल/हरियाणा। पलवल जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस हिरासत में एक आरोपी के साथ क्रूर व्यवहार करने के आरोप में तत्कालीन शहर थाना प्रभारी राधेश्याम को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना दिसंबर 2024 की है। जांच के दौरान ही 16 अप्रैल को आईजी रेवाड़ी रेंज ने तत्कालीन शहर थाना प्रभारी राधेश्याम को निलंबित कर दिया था।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि थाना प्रभारी ने उसके हाथ-पैर बांधकर मारपीट की। इतना ही नहीं उसे हरी मिर्च का घोल पिलाया और इंजेक्शन में भरकर यही घोल उसकी प्राइवेट पार्ट में डाला। एसपी चंद्रमोहन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में आरोप सही पाए गए। आईजी रेंज रेवाड़ी ने 16 अप्रैल को ही राधेश्याम को निलंबित कर दिया था। डीएसपी होडल कुलदीप सिंह ने बताया कि एक साइबर ठगी के मामले में बंद तीन अन्य आरोपियों के साथ भी राधेश्याम ने मारपीट की थी। इस संबंध में एक अलग विभागीय जांच चल रही है। एसपी चंद्र मोहन ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है। उन्होंने कहा कि पद का उपयोग न्याय के लिए होना चाहिए, जो भी पद का दुरुपयोग करेगा, वह कानून से नहीं बच पाएगा। आरोपी राधेश्याम को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हुडा सेक्टर-दो के सौरभ ने शहर थाना में दी शिकायत में कहा था कि उसके पिताजी लकवा के मरीज है। चार दिसंबर को उसके पिता को एक व्यक्ति ने मिला, जिसने कहा कि वह थेरेपी से लकवा को ठीक कर देगा। जिसके बाद उनके घर दो व्यक्ति आए और उसके पिता का इलाज शुरू कर दी। जिसकी एवज में आरोपियों ने उसके पिता से 12 हजार रुपए जबरन ले लिए और वहां से भागने लगे, लेकिन एक आरोपी को उन्होंने पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। शहर थाना में राजस्थान के रहने वाले दो व्यक्ति के खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज कर एक को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ कर कोर्ट में पेश कर दिया था।
उक्त आरोपी ने ही एसपी को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राधेश्याम ने उसके साथ मारपीट कर मिर्च का घोल पिलाया और इंजेक्शन से उसके प्राइवेट पार्ट में डाला था। मामले में चार माह बाद शहर थाना पुलिस ने आरोपी की शिकायत पर तत्कालीन थाना प्रभारी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर किया है।




