5 जिलों में इंटरनेट बंद, 3 में लगा कर्फ्यू, केंद्र ने भेजे सीआरपीएफ के 2000 जवान, मणिपुर में बिगड़े हालात
Internet shut down in 5 districts, curfew imposed in 3, Centre sends 2000 CRPF personnel, situation worsens in Manipur

इंफाल/एजेंसी। मणिपुर में एक बार फिर हालात बदतर हो गए हैं। कानून-व्यवस्था को लेकर छात्रों ने मंगलवार को राजभवन की ओर मार्च किया। छात्रों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ में 50 से ज्यादा छात्र जख्मी हो गए। पूरे राज्य में इंटरनेट सेवाओं को पांच दिन के लिए निलंबित कर दिया गया है। तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस बीच, केंद्र ने मणिपुर में CRPF की दो नई बटालियन की तैनाती का निर्देश दिया है, जिनमें करीब 2,000 जवान होंगे।छात्रों की मांग है कि राज्य के डीजीपी और सुरक्षा सलाहकार खराब होती कानून-व्यवस्था से निपटने में नाकाम रहे है। इस कारण उन्हें पद से हटाया जाए। वे अपनी इसी मांग को लेकर दबाव बनाने के लिए राजभवन की ओर कूच करने रहे थे।
पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान नारे लगाए। सुरक्षाकर्मियों पर पत्थर और कंचे फेंके, जिससे पुलिसकर्मियों को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर इम्फाल पूर्व और इम्फाल पश्चिम जिलों में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लगा दिया है।
मणिपुर सरकार ने मंगलवार शाम को एक संशोधित आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि छात्रों के आंदोलन के मद्देनजर इंटरनेट सेवाओं का निलंबन राज्य में घाटी के सिर्फ 5 जिलों में लागू होगी। इससे पहले, राज्य सरकार ने पूरे राज्य में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं के निलंबन की अधिसूचना जारी की थी। अधिकारियों ने कहा कि पहाड़ी जिले इस आदेश के दायरे में नहीं आते हैं। गृह विभाग के नवीनतम आदेश में कहा गया है, ‘मणिपुर के इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र में लीज लाइन, वीसैट, ब्रॉडबैंड और वीपीएन सेवाओं सहित इंटरनेट और मोबाइल डेटा सेवाओं का अस्थायी निलंबन 5 दिनों के लिए रहेगा।
मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा, ‘उपद्रवियों के नफरत फैलाने वाले भाषणों और सोशल मीडिया से हिंसा भड़कने से रोकने के लिए ही सरकार ने इंटरनेट बंद करने का फैसला किया है।’ आशंका जताई गई है कि कुछ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर राज्य में स्थिति को हिंसात्मक बना सकते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
राज्य में कुकी विद्रोह पुलिस-प्रशासन के समक्ष चुनौती बना हुआ है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य से मुलाकात कर उन्हें राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति से अवगत कराया। राज्य में कुकी उग्रवादी लगातार आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं। अब तक इसकी जद में आकर कई लोग जान गंवा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से यह भी कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो संविधान के अनुच्छेद 355 का उपयोग करके केंद्रीय सुरक्षा अपने हाथों में ले सकती है। इस बीच विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के सैकड़ों छात्रों ने इंफाल के ख्वाइरामबंद महिला बाजार में लगाए गए शिविरों में रात बिताई। छात्र नेता चौधरी विक्टर सिंह ने कहा हमने राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपनी छह मांगों पर जवाब देने के लिए 24 घंटे की समयसीमा दी है। समयसीमा समाप्त होने के बाद हम अपनी कार्रवाई के बारे में फैसला करेंगे।




