क्या दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर चलना बंद हो जाएगा ई-रिक्शा?
दिल्ली में दो लाख से अधिक चल रहे हैं अवैध ई-रिक्शा

नई दिल्ली/एजेंसी। राजधानी के कोने-कोने में कनेक्टिविटी को सुगम बनाने के उद्देश्य से 2014 में ई-रिक्शा की शुरुआत की गई थी। शुरुआत में दूरदराज के इलाकों में लोगों को इससे काफी सुविधा मिली। लेकिन पिछले 11 सालों में ई-रिक्शा मुसीबत बन गए हैं। इन्होंने दिल्ली की कई सड़कों को संकरा कर दिया है। कुछ चौराहे तो इनकी वजह से ही जाम रहते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि राजधानी में पंजीकृत से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा चल रहे हैं। दिल्ली में करीब डेढ़ लाख ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि अनुमान है कि सड़कों पर दो लाख से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। हाल ही में संसद में सरकार के जवाब में भी यह बात सामने आई है कि देश में वैध से ज्यादा अवैध ई-रिक्शा चल रहे हैं।
दिल्ली में ई-रिक्शा न केवल ट्रैफिक जाम का कारण बन रहे हैं, बल्कि दुर्घटनाएं भी कर रहे हैं। सड़कों के बीचों-बीच बेतरतीब ढंग से दौड़ रहे ई-रिक्शा दूसरे चालकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। ई-रिक्शा पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली की 236 सड़कों पर इनके चलने पर रोक लगाई गई थी। लेकिन ये प्रतिबंधित सड़कों पर भी बेखौफ दौड़ रहे हैं। सुबह से लेकर रात तक मेट्रो स्टेशनों के पास इनकी भीड़ जमा रहती है। जानकारों का कहना है कि इन पर निगरानी रखने के लिए कोई नियामक संस्था नहीं है। इस वजह से इन पर कोई नियंत्रण नहीं है।
ई-रिक्शा के रजिस्ट्रेशन के साथ ही चालक का कमर्शियल लाइसेंस भी बनता है। लेकिन बहुत कम लोग इसे बनवा रहे हैं। दूसरे वे हैं जो अनाधिकृत एजेंसियों द्वारा बनाए जा रहे हैं। इनका रजिस्ट्रेशन नहीं होता। इसके अलावा तीसरे वे हैं जो बिना नंबर प्लेट और लाइसेंसधारी चालक के चल रहे हैं। उनका मानना है कि वैध ई-रिक्शा चले तो लोगों को सुविधा मिलेगी। अवैध ई-रिक्शा के कारण सड़कों पर दिक्कतें देखने को मिलती हैं। वैध से ज्यादा संख्या में अवैध ई-रिक्शा के सड़कों पर दौड़ने से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। रजिस्ट्रेशन कराने पर सरकार को राजस्व मिलता है।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, पिछले एक साल में नियमों का उल्लंघन करने पर ई-रिक्शा के कुल 2,78,090 चालान काटे गए। इनमें से सबसे ज़्यादा चालान 1,56,864 गलत पार्किंग के लिए काटे गए। इस साल भी 20 मार्च तक 64,852 चालान काटे जा चुके हैं। परिवहन विभाग के सूत्रों ने बताया कि पिछले दो साल में करीब पांच हजार ई-रिक्शा जब्त किए गए हैं। ये ई-रिक्शा अवैध रूप से चलते पाए गए थे। पिछले साल उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर कार्रवाई तेज कर दी गई थी। बाद में चुनाव के कारण कार्रवाई थोड़ी ढीली पड़ गई। परिवहन विभाग इन्हें नियमित करने की योजना पर काम कर रहा है।

ई-रिक्शा दुर्घटनाएं
रेवाड़ी में एक साल में 47 दुर्घटनाएं हुईं। तीन लोगों की मौत हुई और 67 घायल हुए। फरीदाबाद में 24 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। दो लोगों की मौत हुई और 23 घायल हुए। दिल्ली के विभिन्न इलाकों जैसे उत्तम नगर क्रॉसिंग, तिलक नगर, पुराना पंख रोड, द्वारका मोड़, सागरपुर, पालम, मथुरा रोड, पटपड़गंज रोड, जाफराबाद रोड, सीलमपुर चौक, स्वामी दयानंद रोड, शाहदरा, वजीराबाद रोड, दरियागंज, चांदनी चौक, राजेंद्र नगर, आरके आश्रम आदि में ई-रिक्शा के कारण ट्रैफिक जाम रहता है।
शहर में यहां ई-रिक्शा के कारण लगता है जाम
गाजियाबाद-
लालकुआं, चौधरी मोड, राकेश मार्ग, मेरठ तिराहा, एनएच-9 क्रॉसिंग रिपब्लिक कट, विजयनगर बाईपास, तिगरी कट, बहरामपुर कट, शांतिनगर अंडरपास, प्रताप विहार, शास्त्रीनगर, मोहन नगर, वसुंधरा, इंदिरापुरम काला पत्थर रोड, इंदिरापुरम मंगल बाजार चौक।
गौतम बुद्ध नगर-
मॉडल टाउन, मामूरा, सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन, सेक्टर-51,52 मेट्रो स्टेशन, बॉटनिकल गार्डन, सेक्टर-18 मार्केट, सेक्टर-15, परीचौक, गौर चौक, सूरजपुर, कासना।
हापुड़-
मंडी गेट, पक्का बाग, अतरपुरा चौक, तहसील चौराहा, अंबेडकर तिराहा, एसएसवी के सामने, बुलंदशहर रोड, गढ़ रोड, रेलवे रोड, स्वर्ग आश्रम रोड, चंडी रोड, गोल मार्केट आदि क्षेत्र।




