नकल कराने का रेट 20,000 से 50,000 रुपये! आजमगढ़ में कॉलेज प्रिंसिपल सहित 6 गिरफ्तार

The rate for cheating is 20,000 to 50,000 rupees! 6 arrested including college principal in Azamgarh

आजमगढ़/उत्तर प्रदेश। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के 6 लोगों को यूपी एसटीएफ ने पकड़ा है। इस गिरोह में एक प्रिंसिपल भी शामिल है। इन्हें आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन, पांच एडमिट कार्ड, चार नकली आधार कार्ड, 6 इंटरमीडिएट फिजिक्स के प्रश्न पत्र और 7 परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं बरामद की हैं। पकड़े गए लोगों में बबीता तिवारी, पं. कमता प्रसाद इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल, नवनीत राय, राधेश्याम, शीतल तिवारी, निधि और धर्मलेश सरोज शामिल हैं। पुलिस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर पुनीत परिहार और अनिल कुमार सिंह कर रहे थे।पुलिस के अनुसार एसटीएफ की टीम आजमगढ़ में गश्त कर रही थी। उन्हें सूचना मिली कि इंटरमीडिएट फिजिक्स की परीक्षा के दूसरे पाली में पं. कमता प्रसाद इंटर कॉलेज में कुछ छात्रों की जगह सॉल्वर परीक्षा की कॉपियां लिख रहे हैं।
एसटीएफ की टीम ने डीआईओएस उपेंद्र कुमार, सेक्टर मजिस्ट्रेट हरिशंकर दुबे और गंभीरपुर एसओ बसंतलाल के साथ मिलकर कॉलेज के परीक्षा कक्षों की जांच की। यहां उन्होंने पाया कि सॉल्वर दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा की कॉपियां लिख रहे थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर, पं. कमता प्रसाद इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल और पब्लिक सर्विस सेंटर चलाने वाले को भी गिरफ्तार किया गया। यह सेंटर वाला सॉल्वर के फोटो लगाकर नकली आधार कार्ड बनाता था।
गिरफ्तार लोगों ने बताया कि पं. कमता प्रसाद इंटर कॉलेज के मैनेजर विजय तिवारी ने अपनी पत्नी बबीता तिवारी को प्रिंसिपल नियुक्त किया था और कॉलेज में नकल कराई जा रही थी। परीक्षा केंद्र के अंदर सॉल्वर के जरिए कॉपियां लिखवाने के लिए हर छात्र से 20,000 रुपये लिए जाते थे। वहीं बाहर कॉपियां लिखवाने के लिए 50,000 रुपये प्रति छात्र लिए जाते थे।
धर्मलेश अपने पब्लिक सर्विस सेंटर पर सॉल्वर के फोटो वाले नए आधार कार्ड बनाने का काम करता था। छात्र अनिल कुमार अपनी परीक्षा कक्षा में डुप्लीकेट कॉपी लेकर बैठा था, जबकि उसकी कॉपी सॉल्वर राजू सरोज और संजय सरोज के घर पर लिख रहे थे। यह घर परीक्षा केंद्र से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। विशाल राय उर्फ शोले और नीलेश तिवारी उर्फ छोटू कॉपियों को स्कूल के बाहर ले जाकर सॉल्वर से लिखवाते थे और फिर उन्हें स्कूल में जमा कर देते थे। पता चला कि इंटर कॉलेज के मैनेजर विजय तिवारी गंभीरपुर का हिस्ट्रीशीटर है और कई स्कूल/कॉलेज का मालिक है। मामले में गंभीरपुर पुलिस स्टेशन में यूपी पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रीवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट 2024 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

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