पुलिस रेड के दौरान बड़ा हादसा, पिता को पकड़ने के फेर में 1 साल की बच्ची को कुचला
5 पुलिसकर्मियों को किया लाइन हाजिर
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- अलवर में पुलिस छापेमारी के दौरान एक महीने की बच्ची की मौत हुई।
- परिजनों का आरोप, पुलिस ने बच्ची को दबाया, जिससे उसकी मौत हुई।
- पुलिस ने बच्ची की बीमारी का दावा किया, लेकिन कोई मेडिकल प्रमाण नहीं दिया।
अलवर/राजस्थान। अलवर के नौगावां में पुलिस की छापेमारी के दौरान एक महीने की बच्ची की मौत हो गई। रविवार सुबह 6 बजे पुलिस साइबर अपराधी को पकड़ने गई थी। आरोप है कि पुलिसवालों ने बच्ची के पिता को पकड़ने के लिए चारपाई पर पैर रख दिया, जिससे बच्ची दब गई और उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि बच्ची पहले से बीमार थी। इस मामले में पांच पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और जांच के आदेश दिए गए हैं।
रविवार सुबह अलवर के नौगावां इलाके के तेलिया का बास में पुलिस ने साइबर अपराधी इमरान को पकड़ने के लिए उसके घर छापा मारा। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान पुलिसवालों की लापरवाही से एक महीने की बच्ची अलसीबा की मौत हो गई। बच्ची की मां राजीदा का कहना है कि पुलिसवाले जबरदस्ती घर में घुसे और उसे कमरे से बाहर निकाल दिया। फिर वे चारपाई पर चढ़कर उसके पति को खींचने लगे, जिससे चारपाई पर सो रही बच्ची उनके पैरों तले दब गई। राजीदा ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया और खाली कागज पर उनके हस्ताक्षर ले लिए।
डीएसपी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चला रही थी। उन्होंने दावा किया कि जिस बच्ची की मौत हुई, वह पहले से बीमार थी। हालांकि, उन्होंने इस बारे में कोई मेडिकल प्रमाण नहीं दिया। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी की लोकेशन इमरान के कमरे के अंदर आ रही थी, इसलिए पुलिस उसे पकड़ने गई थी।
एसपी डॉ. तेजपाल सिंह ने बताया कि हेड कॉन्स्टेबल गिरधरलाल, जगवीर, सिपाही ऋषिकेश, मोहम्मद शाहिद और सुनील को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच उद्योग नगर इंचार्ज को सौंपी गई है। इसके अलावा एक डिप्टी रैंक के अधिकारी से भी अलग से जांच कराई जाएगी। एसपी ने कहा, ‘हेड कॉन्स्टेबल गिरधरलाल, जगवीर, सिपाही ऋषिकेश, मोहम्मद शाहिद और सुनील को लाइन हाजिर कर दिया है। बच्ची के परिजनों ने पुलिस (छापेमारी करने वाली टीम) के खिलाफ शिकायत दी है। जिस पर मामला दर्ज कर जांच उद्योग नगर इंचार्ज को दी गई है। इसके अलावा अलग से डिप्टी रैंक के अधिकारी से जांच कराएंगे। जांच में कुछ गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी।’




