दिल्ली में 10 जुलाई तक फैलाई जाएगी जागरूकता, उसके बाद न मानने वालों पर एक लाख का जुर्माना या फिर होगी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में एकल उपयोग प्लास्टिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कदम उठाएगी। इसके तहत आगामी 10 जुलाई तक चेतावनी नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद भी अगर प्लॉस्टिक का इस्तेमाल नहीं थमा तो सरकार कार्रवाई करेगी। उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये जुर्माना या पांच साल तक की सजा हो सकती है। निगरानी के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) व राजस्व विभाग द्वारा प्रवर्तन टीम का गठन किया गया है। उधर, एमसीडी ने पहले दिन से ही कार्रवाई शुरू कर दी है।
त्यागराज स्टेडियम में तीन दिवसीय प्लास्टिक विकल्प मेले का उद्घाटन करते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली सरकार प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तेमाल पर रोक लगाने की दो स्तर की कार्ययोजना तैयार की है। इसके लिए डीपीसीसी तथा राजस्व विभाग की प्रवर्तन टीम का गठन किया गया है। इसमें डीपीसीसी की 15 और राजस्व विभाग की 33 टीमें एकल उपयोग प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध का निरिक्षण करने का कार्य करेंगी। पहले चरण में 10 जुलाई तक प्लास्टिक पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बाद उनके खिलाफ इन टीमों के द्वारा दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्लास्टिक वस्तुओं पर प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना या पांच साल तक की जेल की सजा भी होगी।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि तीन दिवसीय मेला प्लास्टिक के अन्य विकल्पों का उत्पादन करने वाली कंपनी के लिए एक प्लेटफार्म देने का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि एकल उपयोग प्लास्टिक के अन्य विकल्पों के बारे में और जानकारी लोगों के बीच साझा हो सके, इसलिए तीन जुलाई को सभी स्टॉक होल्डर के साथ राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जो भी लोग एकल उपयोग प्लास्टिक के उत्पादन से जुड़े हुए हैं, उनके लिए भी सरकार इस मेले में नई ग्रीन स्टार्टअप नीति ला रही है, ताकि वह एकल उपयोग प्लास्टिक के अन्य विकल्पों के व्यवसाय में जुड़ सके और सरकार इसके लिए उनको सहायता भी प्रदान करेगी।




