रामलला के दर्शन की लालसा में छह साल के मोहब्बत के नन्हे कदम…सिमट गई पंजाब से अयोध्या तक की दूरी, पहुंचे वृंदावन
Six years of love took small steps in the desire to see Ram Lalla... the distance from Punjab to Ayodhya reduced and they reached Vrindavan

मथुरा/उत्तर प्रदेश। पंजाब से अयोध्या की 1100 किमी दूरी छह वर्षीय बालक के कदमों के आगे छोटी पड़ गई। रामलला के दर्शन कर वापस आ रहे मोहब्बत कान्हा की नगरी वृंदावन पहुंचे, तो यहां हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। छह साल के नन्हें भक्त के अनुसार प्रभु श्रीराम उसके सपने में आए थे। जिसके बाद वह दर्शन के लिए पैदल ही अयोध्या चल दिया।
रामलला के दर्शनों के लिए पैदल यात्रा पर निकले पंजाब के जिला फाजिलका के किलिया बाली गांव निवासी 6 वर्षीय मोहब्बत अबोहर के साथ पिता मुकेश आबोहर भी चल रहे हैं। मोहब्बत ने बताया कि वह 14 नवंबर को राम मंदिर में प्रभु राम के दर्शन की अभिलाषा लेकर पैदल यात्रा पर निकले। इसके लिए प्रतिदिन वह 22 किलो मीटर प्रतिदिन पैदल यात्रा कर रहे हैं। लगभग दो माह में 1150 किलोमीटर की यात्रा कर वह वृंदावन आए हैं। उन्होंने अयोध्या में प्रभु राम के दर्शन कर पूजन अर्चना की। इस दौरान मंदिर के पदाधिकारियों द्वारा उनका स्वागत किया गया।
प्रभु राम के दर्शन कर पैदल ही अपने गांव की ओर लौट रहे छह साल के राम भक्त मोहब्बत ने परिक्रमा मार्ग में विहिप जिला अध्यक्ष विनोद राघव, लाखन सिंह, सुरेश सिंह आदि ने स्वागत किया। नन्हे राम भक्त ने बताया कि उसे पैदल चलकर प्रभु राम के दर्शन करने की प्रेरणा स्वयं भगवान श्रीराम ने दी है। भगवान राम ने स्वप्न में आकर उसे यात्रा करने का आदेश दिया था। यह बात उसने अपने पिता मुकेश को बताई और फिर घर से अयोध्या जाना। प्रभु राम के दर्शन पूजन के बाद लौटकर पैदल घर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए प्रभु राम ने शक्ति प्रदान की।




