वाराणसी की महान शख्सियत का निधन, 27 सितंबर को कौशल किशोर मिश्रा ने किया था भावुक पोस्ट

A great personality of Varanasi passed away, Kaushal Kishore Mishra had posted an emotional post on 27 September

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। “हम न मरिहै , मरिहै संसारा” ये लाइन बीएचयू के एक छात्र ने अपने पेज पर लिखते हुए बीएचयू के प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा को श्रद्धांजलि दी है। बीएचयू के डीन रह चुके प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा का आज सुबह असमय निधन हो गया।खांटी बनारसी की जीवंत मिसाल के तौर पर पहचान रखने वाले प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा का आज सर सुंदर लाल अस्पताल में निधन हो गया। 67 वर्षीय कौशल किशोर मिश्रा जितना बीएचयू के छात्रों के बीच लोकप्रिय थे, उससे कहीं ज्यादा पूरे काशी में लोकप्रिय थे। कुछ दिनों पहले गंगा में छलांग लगाने का वीडियो उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर साझा किया था। जिसके बाद उन्हें निमोनिया ने जकड़ लिया और 27 सितम्बर के अपने आखिरी पोस्ट में सबको राम राम तक कह दिया। एक हफ्ते से प्रोफेसर मिश्रा आईसीयू में थे।
प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा का जन्म 1 मई 1957 को हुआ था। बीएचयू से पढ़े-लिखे और राजनीति विज्ञान विभाग में अध्यापन से जुड़ने के बाद वे सामाजिक विज्ञान विभाग के डीन के पद से रिटायर हुए। संघ और भाजपा के कट्टर समर्थक प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय के राजनीतिक योगदान पर किताब लिखी। भारतीय सनातन संस्कृति के सभी महाकाव्य और मानस में क्या राजनीतिक व्यवस्था थी, इस पर कौशल किशोर ने कई किताबें लिखीं। जैसे मनु स्मृति में राज तंत्र, महाभारत में राज तंत्र, राम चरित मानस में राम राज्य। इसके अलावा प्रोफेसर देसी नस्ल के गायों के संरक्षण और उनके पालन और गो पालन आधारित अर्थव्यवस्था के बड़े पैरोकार थे।
प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा अस्सी की चाय पर अपनी बेबाक बातों के लिए जितना चर्चित थे, उतना ही सोशल मीडिया पर अपने वीडियो और बयानों के लिए भी चर्चित थे। सोशल मीडिया पर गोबर से उपला बनाने का वीडियो हो, चाहे गंगा जी में छलांग लगाने का वीडियो हो, उनके हर कमेंट और वीडियो पर समर्थक से लेकर विरोधी एकदम बेबाक अंदाज़ में कमेंट करते थे।
प्रोफेसर कौशल किशोर मिश्रा बीएचयू के सामाजिक विज्ञान विभाग के डीन के पद से पिछले वर्ष रिटायर हुए थे। भाजपा और संघ के विचारों से प्रभावित प्रोफेसर कौशल किशोर खांटी बनारसी थे। प्रोफेसर कौशल मिश्रा ने अस्पताल में भर्ती होने से पहले 27 सितम्बर को अपने पोस्ट पर लिखा कि “एकाएक तबियत बिगड़ गई है, सबको राम-राम ” कौशल गुरुजी के इस पोस्ट पर भी लोगों ने खूब कमेंट किए, लेकिन शायद कौशल किशोर को उसी दिन आभास हो गया था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button