लव ट्रायंगल ने ली इंटीरियर डिजाइनर की जान, फावड़े से काटा था शव, 6 टुकड़े कर बुलंदशहर की नहर में फेंका
Love triangle took the life of an interior designer, body was cut with a shovel, cut into 6 pieces and thrown in the canal of Bulandshahr

गाजियाबाद। गाजियाबाद के नंदग्राम थाना क्षेत्र से 16 अगस्त को लापता हुए इंटीरियर डिजाइनर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर एक युवती समेत तीन लोगों को अरेस्ट किया है। हत्या का कारण लव ट्रायंगल बताया जा रहा है। आरोपियों ने हत्या के बाद शव के 6 टुकड़े किए थे, जिन्हें अलग-अलग जगह नहर में डाल दिया था। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के एक पैर को बरामद किया है।डीसीपी सिटी राजेश कुमार ने बताया कि तरुण पंवार की हत्या में पवन, वंश और अंजलि को गिरफ्तार किया है। उनके पास से शव को काटने में प्रयोग किया गया फावड़ा, एक दरांती, तरुण की गाड़ी और वारदात में इस्तेमाल हुई एक कार बरामद की गई है। वहीं, हत्या में शामिल दीपांशु, अक्षय, जीते, अंकुर, मनोज और अंकित फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। जांच के लिए बरामद पैर का डीएनए सैंपल भेजा जा रहा है।
‘बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था अंजलि से तरुण की नजदीकियां’
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि अंजलि राजनगर एक्सटेंशन की एक सोसायटी में जॉब करती थी। उसकी पहचान तरुण पंवार से भी थी। पवन ने बताया कि वह अंजलि को पसंद करता था और उसे तरुण के साथ नजदीकियां परेशान करती थीं। इस बारे में अंजलि से बात करने के बाद उसने हत्या की प्लानिंग की। इसमें अंजलि के जीजा अक्षय और अपने अन्य दोस्तों को शामिल किया। अंजलि के जीजा की भी उससे नजदीकियां थीं। अंजलि ने अपने मोबाइल में तरुण का नंबर लड़की के नाम से सेव किया था। इससे वह भी नाराज था तो इस घटना में शामिल हो गया। इस वारदात में मधुबन बापूधाम में रहने वाले मनोज ने भी साथ दिया। आरोपियों ने तरुण को उसके घर पर ही बुलाकर हत्या की थी।
डीसीपी सिटी के मुताबिक, अभी तक की पूछताछ में सामने आया कि वारदात की प्लानिंग कुछ दिन पहले ही कर ली गई थी। पवन ने एक फर्जी आईडी पर मोबाइल नंबर लिया और उसी से कॉल कर तरुण को इंटीरियर का काम दिलवाने के लिए 16 अगस्त को बुलाया। इसी कॉल के बाद तरुण अपनी कार लेकर मोरटा में मनोज के घर पहुंचे, जहां पहले से पवन, जीते, अंकुर, दीपांशु और अंकित मौजूद थे। सभी ने मिलकर रस्सी से पहले उसका गला दबाया और तरुण के बेसुध होने पर उसके सिर पर दीपांशु ने डंडा मार दिया। अंकुर बाहर खड़ा होकर निगरानी कर रहा था।
फावड़े से नहीं कटी गर्दन तो लेकर आए दरांती
पवन ने तरुण की हत्या के बाद रात में अंधेरा होने पर कार को वंश और दीपांशु के माध्यम से नेहरू नगर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल के पास जाकर खड़ा करवा दिया। 12 बजने के बाद वह पहले शव को बाइक पर कुछ दूर लेकर गए और गाड़ी में डालकर बुलंदशहर में नहर के पास लेकर पहुंचे। इस दौरान अंकित पीछे से बाइक पर चल रहा था, जहां उन्होंने सबूत मिटाने के लिए उसके हाथ पैर अलग किए और फिर फावड़े से गर्दन भी काटने का प्रयास किया। फावड़े से गर्दन नहीं कटने पर आरोपी एक दरांती लेकर आए और फिर गर्दन काट के अलग कर दी। शव के टुकड़े करने के बाद उन्होंने अलग-अलग जगह पर नहर में ही उसे डाल दिया।
16 अगस्त को तरुण की गुमशुदगी की सूचना पुलिस को मिली थी। इसके बाद पुलिस तलाश कर रही थी। इंटीरियर डिजाइनर की कार नेहरू नगर में मिलने के बाद किडनैपिंग की आशंका के चलते केस दर्ज किया गया था। जांच के बाद हत्या की बात सामने आई। वहीं, दूसरी तरफ आरोपी इस हत्या के बाद पुलिस की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
डीसीपी ने बताया, इस मामले में टीम ने मैन्युअल और सर्विलांस दोनों पर काम किया। आरोपियों ने तरुण को बुलाने के लिए जिस नंबर का प्रयोग किया था, वह फर्जी आईडी पर लिया गया था। उस नंबर की अधिक डिटेल निकालने के बाद पुलिस बुलंदशहर पहुंची। जहां से इस मामले की कड़ियां खुलने लगीं। जांच के दौरान पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले थे। उन सभी का कनेक्शन भी बुलंदशहर से मिलने लगा। इसके बाद एक-एक कर सभी आरोपियों की पहचान हुई, जिनमें से 3 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और अन्य की तलाश की जा रही है।




