दो दिन में 15000+ गाड़ियों के पीयूसी सर्टिफिकेट हुए एक्सपायर, हड़ताल से दिल्ली के लोगों को परेशानी

नई दिल्ली। पल्यूशन जांच केंद्रों की हड़ताल के चलते दिल्ली में पिछले दो दिनों में हजारों गाड़ियों के पीयूसी एक्सपार हो चुके हैं और उनमें से ज्यादातर गाड़ियां अब बिना पीयूसी के ही सड़कों पर चल रही हैं। वहीं कई लोग 10 हजार रुपये का चालान कटने के डर से गाड़ी ही नहीं निकाल पा रहे हैं। दिल्ली में हर दिन करीब 10-12 हजार पीयूसी सर्टिफिकेट जारी होते हैं। इनमें से करीब 7-8 हजार पीयूसी पेट्रोल पंपों पर बने उन पीयूसी जांच केंद्रों से जारी होते हैं, जिन पर पिछले दो दिनों से हड़ताल चल रही है। इस लिहाज से देखा जाए, तो बीते दो दिनों में ही 15 हजार से ज्यादा गाड़ियों के पीयूसी एक्सपायर हो चुके हैं और अब ये गाड़ियां बिना वैलिड पीयूसी के ही सड़कों पर चल रही हैं, लेकिन पेट्रोल डीलरों और सरकार के बीच चल रही खींचतान के चलते इस विवाद का कोई हल नहीं निकल पा रहा है। सरकार भी फिलहाल पेट्रोल डीलरों से इस मुद्दे पर बातचीत करने के मूड में भी नहीं दिख रही है।
पेट्रोल डीलर एसोसिएशन की मांग पर पिछले हफ्ते ही सरकार ने पीयूसी जांच के रेट तो रिवाइज किए थे, लेकिन एसोसिएशन पीयूसी जांच की फीस में दो से तीन गुना तक की बढ़ोतरी चाहती थी। दिल्ली सरकार का मानना था कि बहुत ज्यादा बढ़ोतरी लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है और इसकी वजह से कहीं लोग पल्यूशन जांच कराना ही बंद न कर दें, क्योंकि फिर इसका असर दिल्ली के पर्यावरण पर पड़ेगा। इसी वजह से सरकार ने पीयूसी जांच के रेट में करीब 35 पर्सेंट की ही बढ़ोतरी की थी। पेट्रोल डीलर इससे संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने पीयूसी जांच केंद्रों को बंद करके हड़ताल करवा दी। दिल्ली सरकार के सूत्रों का कहना है कि सरकार किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं आएगी और इस तरह की ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगी। यही वजह है कि इस मामले को लेकर सरकार ने अभी तक डीलरों के साथ बाचतीत की पहल नहीं की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button