गाजियाबाद के लोनी में ऑनलाइन लोन के चक्कर में एक लाख की ठगी, पीड़ित का आरोप- पुलिस कर रही है परेशान

ऑनलाइन लोन फ्रॉड में पुलिस की मिली-भगत! लोनी बॉर्डर थाना एसएचओ पर समझौते एवं धमकी का आरोप

लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन लोन फ्रॉड का मामला बड़े अपराध की शक्ल में सामने आया है। लालबाग कॉलोनी निवासी उपेंद्र राघव ने आरोप लगाया कि ठगों ने उनके खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए और जब उन्होंने पुलिस की शरण ली तो एसएचओ ने मुकदमा दर्ज करने के बजाय समझौते का दबाव बनाया। पीड़ित का कहना है कि पुलिस आरोपी को बचाने में मिली-भगत कर रही है और उन्हें ही धमकाकर परेशान कर रही है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

लोनी/गाजियाबाद। लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र से एक बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड का मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लालबाग कॉलोनी निवासी उपेंद्र राघव ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन लोन लेने के चक्कर में उनके खाते से एक लाख रुपये ठग लिए गए। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस की शरण ली तो मदद करने के बजाय पुलिस ने उन्हें ही परेशान करना शुरू कर दिया।
उपेंद्र के अनुसार, 18 अप्रैल को एक कंपनी एजेंट उनके पास आया और कार्ड मशीन के जरिए ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का बहाना बनाकर खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए। ठगी का एहसास होते ही उपेंद्र ने आरोपी को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी के एजेंट को पहले लालबाग चौकी और फिर लोनी बॉर्डर थाने ले गई। हालांकि, पीड़ित का कहना है कि थाने पहुंचने के बाद से ही पुलिस का रवैया बदल गया है।
पीड़ित ने थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुकदमा दर्ज करने के बजाय उनसे समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। उपेंद्र का दावा है कि एसएचओ ने साफ शब्दों में धमकी दी कि अगर वे समझौता नहीं करेंगे तो उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। पीड़ित ने यह भी कहा कि पुलिस और ठगों के बीच मिली-भगत की आशंका है। उनका आरोप है कि आरोपी को बचाने के लिए पुलिस जानबूझकर कार्रवाई नहीं कर रही और उन्हें ही परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस बार-बार उनकी शिकायत में कमी निकाल रही है और उन्हें चक्कर लगवा रही है। पीड़ित ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि गाजियाबाद पुलिस कमिश्नर द्वारा जनता के साथ अच्छा व्यवहार करने की हिदायत दी जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी कुर्सी मिलते ही जनता के साथ दुर्व्यवहार करने लगते हैं।
उपेंद्र ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग करते हुए न्याय और ठगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला न केवल साइबर अपराध की गंभीरता को उजागर करता है बल्कि पुलिस की मिली-भगत और भ्रष्ट रवैये को भी सामने लाता है। यह घटना बड़े अपराध की श्रेणी में गिनी जा रही है और लोगों में आक्रोश का माहौल है।

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