फतेहपुर में गौशाला की देखरेख में लापरवाही पर ग्राम सचिव निलंबित, पशु चिकित्सक को नोटिस

फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। विकास खंड के थरियांव स्थित गोशाला में लापरवाही बरतने और सरकारी कार्यों में रुचि न लेने के कारण ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया है। वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
थरियांव हाईवे स्थित गोशाला में 299 मवेशी हैं। उनकी देखरेख ग्राम प्रधान सुनीता देवी व सचिव जितेंद्र सिंह को करना है। आपसी खींचतान की वजह से गोशाला में गोवंशों की स्थिति बेहत खराब थी। शासन से पैसा मिलने के बावजूद भी सचिव भुगतान नहीं काट रहा था, जिसके कारण पशुओं को आहार व भूसा समेत अन्य सामान खरीदने में ग्राम प्रधान को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
ग्राम प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि फरवरी माह से अब तक करीब 28 लख रुपये शासन को देने थे, जिसमें 15 लाख रुपए शासन ने दिया था। सचिव जितेंद्र सिंह हस्ताक्षर नहीं कर रहे थे। इसकी शिकायत सीडीओ पवन कुमार, बीडीओ सतीश चंद्र पांडे को भी की थी।
गुरुवार को सीडीओ को डीएम सी इंदुमती ने गोशाला भेजा। सीडीओ पशु चिकित्सा अधिकारी मौके पर नहीं मिले। उन्होंने रिपोर्ट डीएम को दी। डीएम के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया, वहीं पशु चिकित्सा अधिकारी राजेश सिंह को नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।




