जर्जर ‘सिस्टम’ की खुली पोल ! राजस्थान के सरकारी ऑफिस में तहसीलदार पर गिरे लकड़ी के भारी भरकम गाटर

अलवर/राजस्थान। प्रदेश के कई सरकारी भवन जर्जर अवस्था में हैं। जहां हादसा होने का खतरा हर वक्त बना रहता है। बुधवार 8 मई को सुबह साढ़े 11 बजे अलवर जिले की रामगढ़ तहसील में एक बड़ा हादसा हो गया। रामगढ़ तहसील भवन में तहसीलदार उमेश चंद शर्मा मीटिंग ले रहे थे। जिला कलेक्टर के साथ होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंस के लिए वे नायब तहसीलदार और एलडीसी से बात कर रहे थे। इसी दौरान जर्जर भवन की छत से लकड़ी की गार्डर नीचे आ गिरी। इसी गार्डर से पंखा लगा था। यह पंखा तहसीलदार के सिर पर गिरा। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए इस हादसे से नायब तहसीलदार और एलडीसी हैरान रह गए। इस हादसे में तहसीलदार उमेश चंद शर्मा की जान जाते जाते बची। जिस तहसील भवन में वे नायब तहसीलदार खेमचंद और एलडीसी ललित कुमार के साथ बैठक कर रहे थे। उसमें लकड़ी के गार्डर लगे हैं। तहसीलदार के ऑफिस में भी लकड़ी के गार्डर लगे थे। अचानक गार्डर टूटा तो वह तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एलडीसी के बीच में आकर नीचे गिरा। इस दौरान पंखा तहसीलदार के सिर पर गिरा था। अगर लकड़ी का गार्डर सिर पर गिर जाता को तहसीलदार की जान जा सकती थी। हादसे के बाद उन्हें तुरंत स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से उन्हें अलवर रेफर कर दिया।
इस हादसे के बाद तहसील भवन में तैनात सभी कर्मचारी और अधिकारी डरे हुए हैं क्योंकि रामगढ का तहसील भवन जर्जर अवस्था में है। हर कमरों की हालत एक जैसी है। वहां भी हर वक्त खतरा बना हुआ रहता है। रजिस्ट्रार कार्यालय में कार्यरत प्रशासनिक अधिकारी ओम प्रकाश मीणा ने बताया कि तहसीलदार के चेंबर में हादसा होने के बाद कर्मचारियों में भय माहौल है, क्योंकि तहसील में सभी कमरों की हालत तहसीलदार के चैंबर जैसी ही है। रजिस्ट्रार कार्यालय की छत की पट्टियों से चुना झड़ता रहता है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में कमरे में बैठने से भी डर लग रहा है। वरिष्ठ सहायक राकेश मीणा का कहना है कि पूरी तहसील की बिल्डिंग खंडहर हो चुकी है। कमरों में बैठने से भी डर लगता है। तहसील एलडीसी धर्मवीर गुर्जर के मुताबिक ये बिल्डिंग आजादी से पहले बनी हुई है।
तहसीलदार उमेश चंद शर्मा का कहना है कि इमारत के जर्जर अवस्था में होने के संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायत भेज रखी है लेकिन मंगलवार को अचानक हादसा हो गया। गनीमत यह रही कि लकड़ी के बड़े गार्डर बैठक में उपस्थित अफसरों के बीच वाली टेबल पर गिरे। अगर किसी के सिर पर गिरते तो बड़ा हादसा हो सकता था। गार्डर से लगा पंखा तहसीलदार से सिर में लगा। नायब तहसीलदार और एलडीसी सुरक्षित हैं।

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