गाजियाबाद में बढ़ते अपराध और विधायकों की हटाई गई सुरक्षा को लेकर जनप्रतिनिधियों ने की हाई लेवल की मीटिंग

गाजियाबाद। शुक्रवार रात जिले के जनप्रतिनिधियों ने आचार संहिता की आड़ में पिछले तीन महीने में जनपद में घटित अपराध में बेतहाशा वृद्धि, बेलगाम कानून व्यवस्था पर बुलाई गई हाई लेवल मीटिंग में चिंता व्यक्त की। इस दौरान बैठक में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्रत प्रभार नरेंद्र कश्यप, नवनिर्वाचित सांसद/विधायक अतुल गर्ग, मुरादनगर विधायक अजित पाल त्यागी, धौलाना विधायक धर्मेश तोमर और लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर उपस्थित रहे।
विधायकों की हटाई गई सुरक्षा को लेकर अधिकारियों द्वारा अनुशासनहीनता की सीमा पार कर दिए गए मिथ्या बयान पर बैठक में यह तय हुआ कि इस विषय पर मुख्यमंत्री से भेंट की जाएगी और मजबूती से उनके सामने कमिश्नर के कृत्यों को रखते हुए कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात हेतु कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा एवं राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप को अधिकृत किया गया।
बैठक में दो विषयों पर निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री से मिलकर जनपद में बढ़ते हुए अपराध और बेलगाम कानून व्यवस्था, कमिश्नर के द्वारा जनप्रतिनिधियों से किये जा रहे दुर्व्यवहार पर कठोर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं, बैठक में यह भी तय हुआ कि कार्रवाई में विलंब हुआ तो जनपद के सभी जनप्रतिनिधियों द्वारा दोनों विधायक के समर्थन में अपनी सुरक्षा लौटा दी जाएगी और कार्यवाही होने तक पुलिस कमिश्नर का जनप्रतिनिधियों द्वारा पूर्ण रूप से बॉयकॉट किया जाएगा। किसी प्रकार की बात नहीं की जाएगी।
भाजपा को हराने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किये गए। आचार संहिता के दौरान अपराध चरम पर था, पुलिस अवैध उगाही में व्यस्त थी, आम जनता के खिलाफ फर्जी मुकदमे, मुचलके, नशा, मर्डर , गौहत्या, अपहरण, सरेआम सड़कों पर गुंडों के आतंक से जनता त्राहि-त्राहि कर रही थी। जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप जनपद में भ्रष्टाचार-अपराध और नागरिकों के साथ नाइंसाफी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधायक बोले-पुलिस कमिश्नर सस्पेंड होने चाहिए
पुलिस सुरक्षा के मामले में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने बताया कि उन्होंने विधायकों और सांसदों के साथ मिलकर बैठक की है। बैठक में फैसला हुआ है कि यूपी के सीएम से मुलाकात की जाएगी। उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होती है तो आसपास के विधायक, मंत्री और सांसद भी सुरक्षा नहीं लेंगे। उन्होंने मांग की है कि पुलिस कमिश्नर को सस्पेंड किया जाए। पुलिस कमिश्नर के राज में गाजियाबाद का क्राइम ग्राफ बढ़ गया है।

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