नोएडा से यूपी पुलिस भर्ती पेपर लीक का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, बीटेक कर चुका है मुख्य आरोपी

ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में नोएडा एसटीएफ ने बुधवार को मुख्य आरोपी राजीव नयन मिश्रा (32) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि राजीव ने मध्यप्रदेश और गुड़गांव के रेजॉर्ट में 1000 से अधिक अभ्यर्थियों तक पेपर पहुंचाया था। मामले में अब तक 54 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। नोएडा एसटीएफ के एएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड राजीव मूल रूप से प्रयागराज का रहने वाला है, लेकिन अभी भोपाल में रह रहा था। सूचना थी कि वह किसी से मिलने के लिए ग्रेटर नोएडा के परी चौक आ रहा है, जिसके बाद उसे अरेस्ट कर लिया गया।
राजीव ने बताया कि उसने सत्य साईं भोपाल यूनिवर्सिटी से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। कॉलेज में ही वह सुभाष प्रकाश और अतुल वत्स से मिला था, जो पैसे लेकर भोपाल के कॉलेजों में एडमिशन कराते थे। राजीव भी गैंग में शामिल हो गया। 2019 में राजीव अजारिया उर्फ गुरुजी से मिला और दोनों ने एनएचएम के नर्सिंग स्टाफ की भर्ती का पेपर लीक किया था।
नर्सिंग स्टाफ भर्ती पेपर लीक मामले में दोनों ग्वालियर की जेल में बंद भी रहे थे। जेल से आने पर अतुल ने राजीव को डॉ. शरद से मिलाया, जो पेपर लीक का गैंग चलाता था और गौतमबुद्ध नगर के रवि अत्री से भी जुड़ा था। राजीव और रवि अत्री ने मिलकर UP पुलिस परीक्षा भर्ती का पेपर लीक कराया।
एसटीएफ की छानबीन में यह बात सामने आई कि अहमदाबाद की जिस ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया एक्सप्रेस कंपनी को सिपाही भर्ती का पेपर प्रिंट होने के बाद वेयरहाउस से ट्रांसपोर्ट करने का जिम्मा दिया गया था, उसके कर्मचारियों को आरोपियों ने मिला लिया था।
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा 17 और 18 फरवरी 2024 को आयोजित हुई थी। भर्ती परीक्षा में 48 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें 16 लाख महिलाएं थीं। लेकिन इन सभी के अरमानों पर पानी फिर गया, क्योंकि पेपर लीक होने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी।




