बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा बीजेपी का दामन

चंडीगढ़/एजेंसी। बॉक्सिंग से राजनीति की दुनिया के कदम रखने वाले विजेंदर सिंह ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है। बुधवार को उन्होंने बीजेपी जॉइन कर ली है। विजेंदर सिंह ने नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ली। विजेंदर सिंह 2019 में कांग्रेस की टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े थे। लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस ने उन्हें साउथ दिल्ली से उम्मीदवार बनाया था। बता दें कि उन्होंने 2019 में ही कांग्रेस जॉइन की थी। विजेंदर सिंह जाट समुदाय से आते हैं, जिसका हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में बड़ी संख्या में सीटों पर राजनीतिक प्रभाव है। चर्चा थी कि विजेंदर सिंह कांग्रेस के टिकट पर मथुरा से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर की तरफ से इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। विजेंदर सिंह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए हैं। ऐसे में देखना होगा कि उन्हें पार्टी कहां से चुनाव मैदान में उतारती है
विजेंदर सिंह अक्सर अपने सोशल मीडिया हैंडल पर बीजेपी के खिलाफ बोलते रहते थे। उन्होंने किसान आंदोलन का भी समर्थन किया था। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर जुबानी हमला भी बोला था। कुछ समय पहले उनकी आम आदमी पार्टी में शामिल होने की भी चर्चा थी। लेकिन उन्होंने ये फैसला लेकर सबकों चौंका दिया है। इससे पहले विजेंदर सिंह ने 2024 में हरियाणा के भिवानी से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया था।
खेल रत्न से नवाजे जा चुके हैं विजेंदर
बॉक्सर विजेंदर सिंह 2008 के बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वे इन खेलों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज थे। विजेंद्र बीजिंग ओलिंपिक्स में पदक जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट थे। उन्हें साल 2009 में खेल रत्न से नवाजा गया था।
हरियाणा में उन्हें लेकर हुआ था विवादभारत के सबसे सफल बॉक्सरों में शुमार किए विजेंदर ने अपने एमेच्योर कैरियर को तौबा करते हुए प्रोफेशनल बॉक्सर बनने का फैसला किया था। विजेंदर सिंह ने जब बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था तो हुड्डा सरकार ने उन्हें एचपीएस बनाया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाज बनने के दौरान भी उनके डीएसपी पद को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, लेकिन सरकार ने उन्हें डीएसपी स्पोर्ट्स के पद पर बरकरार रखा था।

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