देश चादर और फादर का नहीं, सनातनियों का है, बाबरपुर का नाम देख भड़के महंत राजू दास

The country does not belong to Chaadar and Father, it belongs to Sanatanis, Mahant Raju Das got angry after seeing the name of Babarpur

  • औरैया पहुंचे महंत राजू दास ने सीधे तौर पर बाबर पर बोला हमला
  • मुगल बादशाह के नाम पर कस्बे का नाम रखे जाने पर जताई आपत्ति
  • महंत ने गांव के लोगों से नाम बदलने की कही बात, उठाएंगे मुद्दा

औरैया/उत्तर प्रदेश। औरैया जिले में पहुंचे अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने कहा कि यह देश चादर और फादर का नहीं बल्कि सनातनियों का है। वे औरैया के बाबरपुर कस्बा गए हुए थे। कस्बे का नाम सुनकर वे भड़क उठे। इसके बाद उन्होंने इस तरह की बयानबाजी कर डाली। वहीं, उनका कहना था कि यह देश साधु-संतों और महापुरुषों का है। सनातन संस्कृति वाला देश है। किसी चोर, लुटेरे या नीच के नाम पर या आतंकवादियों के नाम पर अगर गांव है तो यह अच्छी बात नहीं है। उन्होंने बाबरपुर का नाम बदलने की भी बात कह दी।देश में इस समय मुगल शासन को लेकर कई प्रकार की बातें हो रही हैं। बाबर और औरंगजेब पर लगातार विवाद भड़ रहा है। इस बीच महंत राजू दास ने एक बार फिर बाबरपुर गांव के जरिए मुद्दे को हवा दी है। उन्होंने सीधे-सीधे मुगल शासकों को चोर, लुटेरा, नीच और आतंकवादी तक कह दिया। साथ ही, उन्होंने ऐसे शासकों के नाम पर देश के किसी भी गांव-कस्बे का नाम न होने की बात कही। इस पर चर्चा का बाजार गरमा गया है।
दरअसल, हनुमान गढ़ी के महंत राजू दास अजीतमल के निवासी किसान संघ के जिला मंत्री मंजुल के पैतृक निवास गए हुए थे। यहां पर उन्होंने सम्मान कार्यक्रम में हिस्सा लिया और मंदिरों का भ्रमण किया। इस दौरान वह बाबरपुर पहुंच गए। वहां पर उन्होंने कस्बे के नाम को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने ग्रामीणों के सामने ही इसका नाम परिवर्तन करने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि इसके नाम परिवर्तन की मांग प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखेंगे।
महंत राजू दास ने अपने बारे में बताते हुए कहा कि वह हिंदू सुरक्षा सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अयोध्या हनुमानगढ़ी में हनुमान भगवान का छोटा सा सेवक हूं। यहां पर कुछ सनातियों से मिलने का और संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ। वह देश भर में घूम-घूमकर सनातन का प्रचार प्रसार करते हैं। इस संदर्भ में यहां पर आना हुआ। यहां पर आने के बाद मंदिरों के दर्शन कर रहा था।
राजू दास ने कहा कि भ्रमण के दौरान मैंने बाबरपुर को देखा। कहने का मतलब यह है कि यह देश चादर और फादर का नहीं है। यह देश साधु संतों का है। महापुरुषों का है। यह देश सनातन संस्कृति वाला देश है। किसी चोर-लुटेरे के नाम पर पर अगर गांव का नाम रखा गया है तो उसे बदला जाना चाहिए।

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