दिल्ली में साइबर थाने का एसएचओ बनना नहीं रहा आसान
पहले पास करना होगा रिटन एग्जाम फिर मिलेगी थाने की कमान

नई दिल्ली। लोकल थानों के बजाय साइबर पुलिस स्टेशन का एसएचओ बनना अब ज्यादा मुश्किल होने जा रहा है। लॉ एंड ऑर्डर के लिए स्थानीय थाने का प्रभारी बनने के लिए सिर्फ इंटरव्यू देना पड़ता है। साइबर थाने की कमान संभालने की चाहत रखने वाले इंस्पेक्टरों को अब रिटन एग्जाम से गुजरना पड़ेगा। पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा के ऑर्डर के बाद इसके लिए सिलेबस तैयार किया जा रहा है।पुलिस सूत्रों ने बताया कि साइबर फ्रॉड की बढ़ती वारदात और इसके नए-नए ट्रेंड सामने आने से पुलिस के सामने रोज नई चुनौतियां आ रही हैं। सोशल मीडिया के जरिए साइबर अपराधियों की पहुंच अब घर-घर तक है। ऐसे में इस तरह के क्राइम की समझ, इन्हें सुलझाने का हुनर, अपराधियों की धरपकड़ में तकनीक का इस्तेमाल और मजबूत चार्जशीट तैयार करने के लिए योग्य इंस्पेक्टरों को साइबर थाने की कमान सौंपी जानी जरूरी है। इसलिए पुलिस कमिश्नर ने अब साइबर पुलिस स्टेशन में एसएचओ लगने की चाहत रखने वाले इंस्पेक्टरों के लिए रिटन एग्जाम अनिवार्य कर दिया है।
साइबर थाने के एसएचओ बनने के लिए होगा रिटेन टेस्ट
पुलिस हेडक्वॉर्टर से 26 दिसंबर को स्पेशल सीपी (ट्रेनिंग) को भेजे लेटर में लिखा है कि पुलिस कमिश्नर के निर्देशानुसार अब साइबर थाने के एसएचओ के सिलेक्शन के लिए रिटन एग्जाम आयोजित किया जाएगा। स्पेशल सीपी ट्रेनिंग को इसके लिए सिलेबस मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं, जो साइबर थाने के एसएचओ बनने के इच्छुक इंस्पेक्टरों को टेस्ट से पहले दिया जाएगा। हेडक्वॉर्टर ने स्पेशल सीपी ट्रेनिंग से जल्द ही साइबर थाने के एसएचओ का सिलेबस उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
साल 2021 में दिल्ली में बना था पहला साइबर थाना
साइबर क्राइम के तेजी से बढ़ने की वजह से दिल्ली में दिसंबर 2021 में साइबर थानों की शुरुआत की गई थी। राजधानी में लॉ एंड ऑर्डर के लिहाज से पुलिस ने 15 जिले बना रखे हैं। हर जिले में एक साइबर पुलिस स्टेशन है, जो डिस्ट्रिक्ट की ऑपरेशंस यूनिट के अधीन है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ ऐसे इंस्पेक्टरों को भी साइबर पुलिस थाने की जिम्मेदारी देने के मामले सामने आए थे, जो बाद के बैच के थे। लेकिन आला अफसरों का हाथ सिर पर होने से सीनियर इंस्पेक्टरों को नजरअंदाज कर उन्हें साइबर थाने की कमान सौंपी गई। बहरहाल, रिटन एग्जाम होने से अब साइबर थाने का SHO बनना आसान नहीं होगा।




