नए दौर की पुलिसिंग से सेफ होगा कानपुर, घर-गली से चौराहों तक की सख्त निगरानी

कानपुर/उत्तर प्रदेश। देश और समाज बदल रहा है तो पुलिसिंग के तौर-तरीके बदलने का भी समय आ गया है। वक्त के साथ कदमताल करने के प्रयासों में कानपुर पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों के भरपूर इस्तेमाल की ओर बढ़ चुकी है। बीट सिस्टम को नए सिर से लागू कर 1162 वॉट्सऐप ग्रुप्स में 1 लाख 81 हजार लोग जोड़े गए हैं। इसके अलावा ऑपरेशन त्रिनेत्र में घरों के बाहर और चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का अभियान शुरू किया गया है। इसके लिए पुलिस आम लोगों से संपर्क कर उन्हें कैमरों के फायदे के बारे में बता रही है।
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने बताया कि कानपुर में गली-मोहल्लों और कॉलोनियों को जोड़कर बीटें बनाई गई हैं। हर बीट पर एक कॉन्स्टेबल या हेड कॉन्स्टेबल तैनात किया गया है। अपनी बीट के हिसाब से पुलिसवालों ने वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर आम और संभ्रांत लोगों को उसमें जोड़ा है। 1186 बीटों पर 1162 वॉट्सऐप ग्रुप बनाए गए हैं। इन ग्रुपों में 1 लाख 81 हजार लोग जोड़े गए हैं। एक एसएचओ ने बताया कि अब सिपाही अपने क्षेत्र के लोगों को जानकर उनसे सीधे संपर्क में आ गए हैं। दरोगा और इंस्पेक्टर के स्तर पर काम का लोड भी घटा है। ये माना जाए कि भविष्य में पुलिस के पास ज्यादा सूचनाएं होंगी, जो अपराध नियंत्रण में मदद करेगी।
ऑपरेशन त्रिनेत्र में पुलिस लोगों को अपने घरों के बाहर कैमरे लगवाने के लिए प्रेरित करेगी। इन कैमरों का एक्सेस आम लोगों के पास ही होगा। सीपी अखिल कुमार ने बताया कि पुलिस सिर्फ जरूरत पर कैमरों की एक्सेस हासिल करेगी। इसके अलावा तिराहों-चौराहों पर कैमरे लगवाकर इसकी मॉनिटरिंग जोन डीसीपी के लेवल पर होगी। सार्वजनिक स्थलों पर लगे कैमरे उच्च गुणवत्ता के होंगे। इसके लिए इंडस्ट्रियल हाउसों और हॉस्पिटल मालिकों आदि से मदद ली जाएगी।




