राजस्थान में ठगी के इस नए ट्रेंड,आईपीएस और राजस्थान के सरकार मंत्री के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी

  • डीजीपी और सीनीयर आईपीएस के नाम से मैसेज भेज कर मांग रहे हैं रुपए
  • रुपए मांगने वाले गैंग सक्रिय, पुलिस ने दी हिदायत
  • गहलोत के मंत्री सालेह मोहम्मद के नाम पर भी ठगी

जयपुर,(राजस्थान)। राजस्थान में पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर और सीनियर आईपीएस दिनेश एमएन का नाम कौन नहीं जानता। लगभग हर शख्स इन दोनों अधिकारियों के नामों से परिचित है। अब अगर कोई एमएल लाठर और और दिनेश एमएन बनकर इमरजेंसी में रुपए मांगे तो भला उन्हें कौन मना करें। हालांकि लोगों को यह समझना चाहिए कि इतने बड़े अधिकारी भला किसी से 20, 30 या 50 हजार रुपए उधार क्यों मांगेंगे। जयपुर में कुछ लोगों के पास इन्हीं अफसरों के नाम से वाट्सएप पर मैसेज आए हैं। इन मैसेज में लिखा है कि वे अभी जरूरी मीटिंग में बैठे हैं, इसलिए बात नहीं कर सकते। उन्हें तत्काल रुपयों की जरूरत पड़ गई है, गूगल पे या फोन पे से रुपए भेजें।

इंग्लिश में भेजे गए इस मैसेज के एक बारगी को हर कोई झांसे आकर सोचता है कि शायद उन्हें रुपयों की जरूरत पड़ गई हो। थोड़ा विचार करने पर आपको भी लगेगा कि ये अफसर भला आपसे रुपए उधार क्यों मांगेगे।
सायबर दे रहे हैं ऐसी वारदातों को अंजाम, जांच के आदेश जारी
सायबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने वाले बदमाशों ने ठगी का यह नया तरीका खोज निकाला है। वे पुलिस के उच्च अधिकारियों के नाम से अधीनस्थ अफसरों और कर्मचारियों से रुपए मांग रहे हैं। वाट्सएप मैसेज के जरिए रुपए मांगने का संदेश भेज रहे हैं। वाट्सएप नम्बर पर पुलिस अफसरों की डीपी लगी होती है जिससे अधीनस्थ अफसर या कर्मचारी यह समझ सके कि मैसेज भेजने वाला सीनियर अफसर ही है। हाल ही में जयपुर में पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर और एसीबी के एडीजी दिनेश एमएन के नाम पर लोगों से रुपए मांगने के मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसके बाद पुलिस की ओर से हिदायत जारीी की गई है कि इस तरह के मैसेज आने पर रुपए ट्रांसफर नहीं करें। सावधानी से ही ठगी से बच सकते हैं।
आईएएस के नाम पर ओएसडी से ऐंठ लिए थे डेढ लाख रुपए
तीन दिन पहले जयपुर में चिकित्सा विभाग के प्रमुख शासन सचिव के ओएसडी के साथ डेढ लाख रुपए की ठगी हो गई। पीड़ित ओएसडी ने आदर्श नगर थाने में ठगी का मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित के मुताबिक उसके बाद विभाग के प्रमुख आईएएस अफसर का वाट्सएप मैसेज आया। जरूरी मीटिंग में होना बताकर उन्होंने बात नहीं की लेकिन डेढ लाख रुपयों की आवश्यकता बताई। ऐसे में उसने बताए गए नम्बर पर डेढ लाख रुपए फोन पे कर दिए थे। बाद में ठगी का अहसास होने पर रिपोर्ट दर्ज कराई।

मंत्री सालेह मोहम्मद के नाम पर ठगी खुली
इसी तरह कैबिनेट मंत्री शाले मोहम्मद के नाम से भी ठगी का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार अनॉन नंबर को मंत्री का नंबर बताकर ठगी की कोशिश की है। घटना के संबंध में जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने फेसबुक पर अपने नंबर जारी कर सावधान रहने की अपील की है।

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