बरेली में भाजपा नेता ने दी मुस्लिम धर्म अपनाने की चेतावनी, यूपी में अफसरशाही के हावी होने का दिया हवाला

बरेली/उत्तर प्रदेश। ‘मैं बहुत मजबूर हूं। बीजेपी सरकार में अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। पार्टी के किसी भी विधायक-सांसद और पदाधिकारी की बात का संज्ञान भी नहीं लेते हैं किसी की बात नहीं सुनते हैं। अफसरशाही हावी है। अगर मेरे साथ न्याय नहीं हुआ तो मैं 15 दिनों के अंदर मुस्लिम धर्म अपना लूंगा।’ फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखी इन बातों से हड़कंप मच गया। लिखने वाला भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी हैं, जिनका परिचय है- बरेली भाजपा महानगर उपाध्यक्ष प्रदीप अग्रवाल। नेताजी की धमकी चर्चा का विषय बनी रही।दरअसल, भाजपा नेता प्रदीप अग्रवाल उर्फ कल्लू का 2 साल पुराने एक मामले में शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। इस मामले में भाजपा के स्थानीय वरिष्ठ नेताओं की तरफ से प्रदीप की पैरवी नहीं की गई। तमाम कोशिश के बाद भी जब प्रदीप का काम नहीं हो पाया तो व्यथित होकर फेसबुक पर पोस्ट लिख मारा और अपनी पीड़ा जाहिर कर दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अप्रैल 2022 में बरेली के सुभाष नगर क्षेत्र के रहने वाले एक युवक के साथ प्रदीप की नोकझोंक हो गई। इसके बाद प्रदीप ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायर कर दिया, जिसमें युवक घायल हो गया। वह युवक पुलिस विभाग के सिपाही का बेटा निकला। इस पूरे मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था, जिसके बाद बरेली के डीएम रविंद्र कुमार ने पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रदीप अग्रवाल के दोनों शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया।
फेसबुक पर साझा किया अपना दर्द
इसके बाद प्रदीप अग्रवाल ने फेसबुक पर अपना दर्द साझा करते हुए लिखा, ‘मैं 1988 से भाजपा में सिपाही हूं, भारतीय जनता पार्टी सत्ता में रही या विपक्ष में मैं हमेशा से साथ रहा हूं। बिल्कुल निर्दोष होने के बाद भी 7 महीने जेल काटी है। अदालत ने भी मुझे निर्दोष माना है इसके बाद भी मेरे दोनों शस्त्र लाइसेंस को निरस्त कर दिया गया और बरेली के बड़े नेता कह रहे हैं मेरे पास आओ तुम्हारे सामने फोन करूंगा तो सब ठीक हो जाएगा। मैं जाऊं या न जाऊं काम होना चाहिए जो कि आज तक नहीं हुआ है।’
बीजेपी नेता प्रदीप अग्रवाल ने लिखा है कि मेरे साथ जितना बुरा हो सकता था हुआ। मैं अपनी सरकार के खिलाफ नहीं जा सकता लेकिन मैं बहुत मजबूर हूं। सरकार में अधिकारी मनमर्जी कर रहे हैं। पार्टी के किसी भी विधायक-सांसद और पदाधिकारी की बात का संज्ञान भी नहीं लेते हैं किसी की बात नहीं सुनते हैं। प्रदीप अग्रवाल ने फेसबुक पर लिखा है कि अफसरशाही हावी है।
आगे उन्होंने लिखा है कि हम अधिकारियों के चक्कर काटते हैं फिर भी कोई काम नहीं बनता है। मेरे ऊपर जो धारा 307 का मामला चल रहा है, मैं उसमें दोष मुक्त हो चुका हूं फिर भी मेरा लाइसेंस निरस्त किया जा चुका है। इस बात से मैं निराश हूं। डीएम साहब ने मेरे दोनों लाइसेंस निरस्त कर दिए उसी से मुझे रोष हुआ। अगर मेरे साथ न्याय नहीं हुआ तो मैं मुस्लिम धर्म अपना लूंगा।

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