पिता कारपेंटर, 6 नौकरियां छोड़कर आईपीएस बनीं, मंत्री से भिड़ीं और सजा भी झेलीं; जानिए कौन हैं संगीता कालिया

हरियाणा डेस्क  हरियाणा में तैनात आईपीएस अधिकारी संगीता कालिया की गिनती तेज-तर्रार महिला अधिकारियों में होती है। उनके पिता पुलिस विभाग में कारपेंटर थे। वह छह नौकरियां छोड़कर आईपीएस बनीं। एसपी पद पर रहते हुए बीजेपी मंत्री से भिड़ींं और सजा भुगतीं। जानिए कौन है ये तेजतर्रार अफसर। हम बात कर रहे हैं, उस महिला एसपी की जो मीटिंग में मंत्री अनिल विज से भिड़ गई थीं और फिर उनका तबादला कर दिया गया था। याद आ गई होंगी, नहीं आई तो हम बात देते हैं। ये हैं एसपी संगीता कालिया, जो मौजूदा वक्त में रेलवे में एसपी के पद पर कार्यरत हैं। संगीता वही एसपी हैं, जिनकी 27 नवंबर 2015 को फतेहाबाद में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से बहस हो गई थी। उस समय अनिल विज वहां के कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे। एक शिकायत की सुनवाई के दौरान विज ने कालिया को गेट आउट कह दिया था। कालिया बाहर नहीं गई तो विज को खुद बैठक छोड़नी पड़ी थी। बाद में कालिया का तबादला कर दिया गया था।
संगीता कालिया का वर्ष 2018 में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से विवाद हुआ था। तब भी वह चर्चा में रहीं। अनिल विज फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक ले रहे थे। नशे की बिक्री संबंधित एक शिकायत पर विज ने संगीता कालिया से जवाब मांगा। तब संगीता कालिया ने जवाब दिया कि हमने शराब तस्करों पर साल में ढाई हजार मामले दर्ज कर दिए। पुलिस किसी को गोली तो मार नहीं सकती। इसी बात पर विज व संगीता कालिया के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद बैठक बीच में ही रोकनी पड़ी थी।
आईपीएस संगीता कालिया के पिता धर्मपाल फतेहाबाद पुलिस में पेंटर थे और 2010 में वहां से रिटायर हुए। संगीता ने अपनी पढ़ाई भिवानी से की और 2005 में पहली यूपीएससी परीक्षा दी, लेकिन 2009 में तीसरे प्रयास में परीक्षा पास हुई। संगीता कालिया के मुताबिक, उन्हें पुलिस में आने की प्रेरणा उड़ान सीरियल देख कर और उनके पिता से मिली है। उनके पति विवेक कालिया भी हरियाणा में एचसीएस हैं।संगीता कालिया वो शख्सियत है, जो छह नौकरियों के ऑफर को छोड़कर पुलिस विभाग में आईं हैं। भिवानी जिले के एक साधारण परिवार में जन्मी। कुछ अलग करने का सपना देखा और उसे पूरा किया। वर्दी पहनते हुए कसम खाई थी कि इसकी आन-बान पर कोई दाग नहीं लगने दूंगी और इसी काम को मैंने हरेक पोस्टिंग पर करने की कोशिश की है। मैंने न तो कभी झूठ का सहारा लिया और न ही लूंगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button