जम्मू-कश्मीर के राजौरी इनकाउंटर में मारा गया लश्कर का लीडर पूर्व पाक सैनिक कारी

जम्मू-कश्मीर/एजेंसी। राजौरी इनकाउंटर में मारे गए लश्कर-ए-तैयबा टॉप कमांडर क्वारी को लेकर भारतीय सेना ने बड़ा खुलासा किया है। भारतीय सेना के राजौरी और पुंछ जिलों में आंतकवाद को खड़ा करने में लगा कारी पाकिस्तान का पूर्व सैनिक था। वह लश्कर ए तैयबा में टॉप लीडर के तौर पर काम कर रहा था। उसे विशेष ऑपरेशन की जिम्मेदारी देकर राजौरी भेजा गया था। जम्मू-कश्मीर के राजौरी मे 36 घंटे चली मुठभेड़ में भारतीय सेना लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को मार गिराया है। इनमें कारी भी शामिल है। यह भी सामने आया है कि वह चरवाहों के वेश में छुप हुआ था और आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में लगा था। इस मुठभेड़ में सेना दो कैप्टन समेत पांच जांबाजों की शहादत हुई है, लेकिन सेना लश्कर के टॉप आतंकी कमांडर क्वारी के मारे जाने को सेना बड़ी कामयाबी के तौर पर देख रही है।
लश्कर का था शीर्ष कमांडर
सेना के हवाले जो जानकारी मिली है उसके अनुसार लश्कर ए तैयबा ने क्वारी को राजौरी और पुंछ जिलों के दहशत का माहौल खड़ा करने के लिए भेजा था। लश्कर के शीर्ष आतंकी कमांडर क्वारी को डांगरी और कंडी में हुए आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। ये दोनों हमले 1 और 2 जनवरी को हुए थे।इसमें सात लोगों की मौत हो गई थी। इसमें दो बच्चे भी शामिल थे। इसके बाद पांच मई को हुए हमले में पांच पैरा कमांडो की मौत हो गई थी। ये मौतें आईईडी के किए गए ब्लास्ट में हुई थी। क्वारी एक आईईडी एक्सपर्ट के साथ ट्रेंड स्नाइपर के तौर काम करता था। यह भी जानकारी सामने आई है कि आतंकी चरवाहों के वेश में छिपे हुए थे। राजौरी का इलाका घने जंगलों से भरा हुआ है। इसी जंगलों में बनी गुफाओं में सुरक्षा बलों की नजरों से बचने के लिए आतंकी क्वारी छुपता था, लेकिन भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ किए गए संयुक्त ऑपरेशन में उसे ढ़ूंढ कर खत्म कर दिया
गुफाओं में छिप रहा था क्वारी
सेना के अनुसार आतंकी क्वारी पाकिस्तानी नागरिक था। वह आतंकवादी गतिविधियों को सक्रिय करने में माहिर था। इसलिए लश्कर ए तैयबा ने उसे टॉप लीडर में जगह दी थी। वह आंतकवादी नेता था। उसे पाकिस्तान और अफगानिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। वह लश्कर से जुड़ने से पहले पाकिस्तानी सेना में था। सुरक्षाबल क्वारी के खात्मे को बड़ी सफलता मान रहे हैं। जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पिछले कुछ सालों से आंतकी गतिविधियां बढ़ गई थीं। इसके पीछे क्वारी का हाथ माना जा रहा था। सेना ने क्वारी के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद भी रिकवर किया है। सेना के अनुसार पीर पंजाल का एरिया पीओके में भी पड़ता है। दोनों क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति एक जैसी है। इसलिए क्वारी जंगली गुफाओं को छिपने के लिए इस्तेमाल कर रहा था, फिर भी सुरक्षाबलों से नहीं बच पाया और आखिर में मारा गया।

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