गर्लफ्रेंड के फ्लैट में छिपे थे 25 हजार के इनामी परमजीत और जोगेंद्र, प्लंबर बनकर एटीएस टीम ने दबोचा

जयपुर/एजेंसी। आईपीएस विकास कुमार की टीम हमेशा अलग तरीके से काम करती है। वांटेड बदमाशों को पकड़ने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाए जाते हैं। कभी किसान, कभी मजदूर, कभी दुकानदार, कभी फल विक्रेता तो कभी गैस सिलेंडर डिलीवरी मैन बनकर अपराधियों को पकड़ा जाता रहा है। जोधपुर रेंज आईडी रहते आईपीएस विकास कुमार की टीम ने सौ से ज्यादा वांटेड बदमाशों को गिरफ्तार किया। अब वे एटीएस जयपुर में पदस्थ हैं। एटीएस में आने के बाद भी उनकी टीम लगातार मोस्ट वांटेड बदमाशों की धरपकड़ कर रही है। ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षाओं में नकल कराने वाले दो बदमाश पिछले नौ महीने से राजस्थान पुलिस को गच्चा दे रहे थे। अब आईपीएस विकास कुमार की टीम ने उन बदमाशों को गच्चा दे दिया।
ऑनलाइन होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं में नकल कराने के मामले में दो बदमाश जोगेंद्र कुमार और परमजीत कादियान नौ महीने से फरार थे। दोनों ही बदमाशों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। एटीएस के आईजी विकास कुमार ने अपनी टीम को इन बदमाशों के पीछे लगाया। दो महीने की तकनीकी जांच के बाद टीम को परमजीत की गर्लफ्रेंड के बारे में जानकारी मिली। उस लड़की पर निगरानी रखी गई। वह लड़की गुड़गांव के एक अपार्टमेंट के फ्लैट में रहती थी। पुलिस टीम ने कई दिनों तक फ्लेट पर निगरानी रखी। जब परमजीत अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने गुड़गांव स्थित फ्लैट में पहुंचा तो पुलिस टीम पहुंच गई। वहां जोगेंद्र भी मिल गया।
आईपीएस विकास कुमार ने बताया कि परमजीत और जोगेंद्र को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम के जवानों ने अपार्टमेंट से अहम दस्तावेज जुटाए। जिस फ्लैट में परमजीत की गर्लफ्रेंड रहती थी। उसका किरायानामा ढूंढ निकाला। किरायानामा में लड़की और उसके पति के स्थान पर परमजीत नाम लिखा था। ऐसे में पुलिस टीम को यह पता चल गया कि परमजीत यहीं आने वाला है। कुछ दिन तक निगरानी रखने के बाद शुक्रवार को परमजीत अपनी गर्लफ्रेंड के फ्लैट में पहुंचा। जैसे ही पुलिस टीम को पता चला तो पुलिस के दो जवानों ने प्लम्बर का भेष धारण किया। वे फ्लैट में पहुंचे और बेल बजाई। अंदर से आवाज आई, कौन…? इस पर पुलिस के जवानों ने कहा कि वे पलम्बर हैं, नल के पानी का लीकेज ठीक करने आए हैं। इस पर लड़की ने फ्लैट का दरवाजा खोला जिसके बाद दोनों जवान फ्लैट में घुसे। वहां परमजीत और जोगेंद्र मिल गए। इस पर प्लंबर बने पुलिस जवानों ने अपने साथियों को सूचना दी और दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।
इसी साल जनवरी में एटीएस की टीम ने ऑनलाइन परीक्षाओं में नकल कराने वाली गैंग का खुलासा किया था। नेशनल सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड में कृषि प्रशिक्षु के पदों पर भर्ती हो रही थी। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन एग्जाम हो रहा था। एटीएस की टीम को नकल कराने की सूचना मिली। इसके बाद जयपुर के हेरिटेज वायुना सीनियर सेकेंडरी स्कूल खातीपुरा के सेंटर पर छापा मारा गया। छापेमारी के दौरान पता चला कि 6 कंप्यूटर रिमोट से संचालित कर पेपर सॉल्व किए जा रहे हैं। इसके बाद शास्त्री नगर और वैशाली नगर में भी छापेमारी की गई। उस दिन पुलिस ने कुल 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया, लेकिन जोगेंद्र कुमार और परमजीत फरार हो गए। इन दोनों को अब गिरफ्तार किया गया है।
पिछले नौ महीने से जोगेंद्र कुमार और परमजीत पुलिस से बचने की कोशिश कर रहे थे। फरार होने के दौरान दोनों बदमाशों ने अपने अपने मोबाइल घग्गर नदी में फेंक दिए। पुलिस से बचने के लिए दोनों बदमाश देवी देवताओं के चक्कर लगाते रहे। कभी वैष्णो देवी गए, कभी उज्जैन महाकाल मंदिर गए। दोनों आरोपी इंजीनियरिंग किए हुए हैं। इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद जब अच्छी कंपनी में नौकरी नहीं मिली तो भर्ती परीक्षाओं में ऑनलाइन नकल कराने का काम शुरू कर दिया।

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