कारोबारी इन्द्रकांत हत्याकांड में दारोगा के खिलाफ एफआईआर, तत्कालीन एसपी सेवा से हो चुके हैं बर्खास्त

दरोगा अंबुज कुमार शर्मा
महोबा/उत्तर प्रदेश। महोबा में पत्थर कारोबारी इन्द्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड में एसआईटी की रडार पर आए एक दारोगा के खिलाफ एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक सम्पत्ति मामले में एंटी करप्शन झांसी (भ्रष्टाचार निवारण संगठन) ने दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। महोबा में सितम्बर 2020 को पत्थर कारोबारी इन्द्रकांत त्रिपाठी पर हमला किया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार समेत तमाम पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप परिजनों ने लगाए थे। परिजनों ने छह लाख रुपये की रिश्वत मांगने का एसपी पर आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी वायरल किया था। वीडियो वायरल होने के बाद पत्थर कारोबारी पर हमला हुआ था।
इस हत्याकांड में तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार, कबरई थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इस प्रकरण की जांच एसआईटी को दी गई थी, जिसमें सिपाही अरुण यादव भी एसआईटी की रडार में आए थे। जांच रिपोर्ट के बाद दोषी वर्दीधारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के लिए भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी इकाई को जांच दी गई थी। इस हत्याकांड में तत्कालीन एसपी सेवा से बर्खास्त हो चुके हैं, जबकि अन्य वर्दीधारियों पर भी बड़ी कार्रवाई हो चुकी है।
आय से अधिक लाखों रुपये की सम्पत्ति मिलने पर दारोगा पर कार्रवाई
क्रेशर कारोबारी इन्द्रकांत त्रिपाठी हत्याकांड के मामले में एसआईटी जांच में तमाम दारोगा और इंस्पेक्टर दोषी पाए गए थे। शासन ने दोषी वर्दीधारियों की सम्पत्ति की जांच कराने के आदेश दिए थे, जिस पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) झांसी इकाई ने महोबा के तत्कालीन उपनिरीक्षक अंबुज कुमार शर्मा की सम्पत्ति की जांच की। जांच में उपनिरीक्षक पर आय से अधिक 4.77 लाख रुपये की सम्पत्ति मिलने पर एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सिंह ने महोबा सदर कोतवाली में उपनिरीक्षक अंबुज कुमार शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मौजूदा में उपनिरीक्षक गोंडा जिले के करनेलगंज थाने में तैनात हैं।




