यूपी में साइबर क्राइम पर लगेगी लगाम, 75 जिलों के हर थाने पर तैनात होंगे साइबर कमांडो

लखनऊ/एजेंसी। यूपी की जनता को अपने जिले में साइबर क्राइम की घटना होने पर साइबर सेल के चक्कर लगाने नही पड़ेंगे। अब यूपी के सभी जिलों में थाना स्तर पर ही पुलिस साइबर अपराधियों से निपटेगी। इसके लिए विशेष ट्रेनिंग देकर एक्सपर्ट कमांडो तैयार किये जाएंगे। इन साइबर कमांडो की कमान जिले के अपर पुलिस अधीक्षक के पास होगी। यूपी शासन की ओर से कार्यक्रम जारी किया जा चुका है। जल्द ट्रेनिंग शुरु होगी। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
यूपी में लगातार बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए कुछ साल पहले यूपी के सभी जिलों में साइबर सेल का गठन किया गया था जो लगातार कार्य कर रहा है। जहां साइबर गैंग द्वारा ठगी के शिकार लोग यहां अपनी शिकायत दर्ज कराने लगे।
धीरे-धीरे शिकायत बढ़ीं तो सेल की मदद के लिए यूपी के सभी जिलों में हर थाने में साइबर हेल्थ डेस्क बना दी गईं। यह डेस्क भी केवल पत्रवाहक की भूमिका में नजर आईं। जो आने वाली शिकायत साइबर सेल को भेज दी कर इतिश्री कर लेती है। अब शासन ने बड़े बदलाव की योजना तैयार की जा रही है जो यूपी के सभी जिलों के प्रत्येक थाने में एक साइबर हेल्प डेस्क का विस्तार कर वहा पर 6 साइबर एक्सपर्ट तैनात किए जाएंगे।
लखनऊ में होगी सभी साइबर एक्सपर्ट कमांडो की ट्रेनिंग
यूपी के सभी जिलों में साइबर एक्सपर्ट को तैनाती वाली टीम को लखनऊ में एक्सपर्ट द्वारा ट्रेनिंग दी जाएगी ट्रेनिंग मिलने के बाद इन साइबर एक्सपर्ट कमांडो को यूपी के सभी जिलों के हर थाने के 6 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी।
थाने स्तर पर तैनाती वाली टीम में इंस्पेक्टर, सब इंस्पेक्टर, कांस्टेबल व महिला कांस्टेबल शामिल रहेंगे। ये टीम थाने में साइबर ठगी की पहचान, बचाव और इनके प्रकार से जुड़ी सभी केसे को देखेगी।
जागरुकता करने के लिए लगाए जाएंगे बोर्ड
यूपी के सभी जिलों में स्थानीय जनता को साइबर क्राईम से बचाव के लिए हर थाना क्षेत्र में जागरुकता वाले बोर्ड लगाये जाएंगे। इन बोर्ड पर किस किस तरह ठगी की जा रही है, इसकी अपडेट जानकारी रहेगी। कैसे कैसे फ्रॉड, कैसे ठगों को पहचानें, ठगी होने पर क्या करें, इसका पूरा विवरण दिया जाएगा।




