अलविदा जुमे की नमाज के दिन काली पट्टी बांधे दिखे नमाजी, वक्फ संशोधित बिल के खिलाफ विरोध

On the day of Alvida Jumme ki Namaaz, worshippers were seen wearing black bands, protesting against the Waqf Amendment Bill

  • गोरखपुर में नमाज के दौरान काली पट्टी बांधकर विरोध जताया गया
  • मुस्लिम समाज ने वक्फ संशोधित बिल के खिलाफ एकजुटता दिखाई
  • सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने खास सतर्कता बरती

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। गोरखपुर की सभी मस्जिदों के अलावा घर की छतों पर भी लोग समाज अता करते देखे गए। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज पढ़ी गई। इस दौरान ज्यादातर लोगों ने बाहों में काली पट्टी बांध रखी थी। पूछने पर बताया कि पर्सनल मुस्लिम लॉ बोर्ड के आवाहन पर वक्फ संशोधित बिल के खिलाफ काली पट्टी बांधकर इसका विरोध जताया जा रहा है।
30 मार्च को पूरे भारतवर्ष में ईद मनाई जाएगी। उसके पहले मुस्लिम समाज के लोग पिछले एक महीने से रोजे पर थे। शुक्रवार को अलविदा जुम्मे की नमाज पढ़ी गई। सुबह 9:00 बजे से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक गोरखपुर की विभिन्न मस्जिदों सहित घर की छतों पर भी लोग नमाज अता करते देखे गए। इस दौरान ज्यादातर लोगों की बाहों पर काली पट्टी बंधी हुई थी बुजुर्ग से लेकर युवा और बच्चे भी शामिल थे।नमाज समाप्त होने के पश्चात जब मीडिया कर्मियों ने उनसे बात की तो तुम का कहना था कि पर्सनल मुस्लिम लॉ बोर्ड के आवाहन पर हम लोगों ने वाहन में काली पट्टी बंधी है इसका मतलब यह है कि जिस तरह वक्फ बोर्ड को लेकर संशोधित बिल लाया जा रहा है। उसका विरोध करते हैं। हमें हमारा वही पुराना बिल चाहिए। नए बिल की कोई आवश्यकता नहीं। हमारा यह विरोध शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। यदि मांगे नहीं मानी गईं तो आगे जो भी निर्णय पर्सनल लॉ बोर्ड सुनिश्चित करेगा, उस पर अमल करते हुए विरोध जताया जाएगा।
इस दौरान युवाओं और बच्चों ने भी काली पट्टी बांध रखी थी। जब उनसे पूछा गया तो ज्यादातर को कुछ पता नहीं था। कुछ युवाओं का कहना था कि जो हमारे बड़े, बुजुर्ग कह रहे हैं, उसी का समर्थन किया जा रहा है। और समर्थन करने के लिए हम लोगों ने भी काली पट्टी बांधी है। हालांकि इसको लेकर वक्फ बोर्ड की तरफ से सोशल मीडिया पर जमकर प्रचार-प्रसार किया गया था। लेकिन इसका व्यापक असर नहीं दिखा। मस्जिदों में जैसे ही काली पट्टी बांधे समाज के लोग दिखे तो सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम तो चप्पे-चप्पे पर पहले से ही थे। लेकिन जुम्मे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सके, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा।

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