राजस्थान के पूर्व सीएम गहलोत के पीएसओ राजकुमार यादव गिरफ्तार, बेटे के लिए खरीदा था पेपर

जयपुर/एजेंसी। राजस्थान में एसआई भर्ती पेपर 2021 लीक प्रकरण से जुड़ी एक बड़ी खबर आई है। पेपर लीक मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। ये गिरफ्तारी पूर्व सीएम अशोक गहलोत के करीबी की हुई है। राजस्थान एसओजी ने देर रात पेपर लीक से जुड़े एक मामले में पूर्व सीएम अशोक गहलोत के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ ) राजकुमार यादव और उस के बेटे भरत यादव को गिरफ्तार किया है। एसओजी रात से ही दोनों से पूछताछ कर रही है। हेडकांस्टेबल राजकुमार यादव ने कुणाल पांड्या से सौदा कर पेपर खरीदा था। पिछले दिनों एसओजी ने कुणाल पंड्या को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में राजकुमार यादव का नाम सामने आया था।
सूत्रों की मानें तो राजकुमार यादव की गिरफ्तारी ऐसे वक्त हुई है जब एसओजी की टीम पिछले कई महीनों से एसआई पेपर लीक की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि यादव ने बेटे को पास कराने के लिए मोटी रकम देकर पेपर खरीदा। भरत यादव ने लिखित परीक्षा पास की, लेकिन फिजिकल टेस्ट में फेल हो गया। अब सवाल ये उठता है कि क्या ये सिर्फ एक बाप-बेटे की चाल थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश और ताकतवर नेटवर्क काम कर रहा था?
राजस्थान में पेपर लीक अब कोई नई बात नहीं रही। आरईईटी, पटवारी, आरएएस, एसआई भर्ती ऐसी कोई बड़ी परीक्षा नहीं जो लीक से अछूती रही हो। इस बार मामला इसलिए खास है, क्योंकि लीक की जड़ें मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचती दिख रही हैं। इस केस में अब तक 50 से ज्यादा गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इनमें 44 प्रशिक्षु एसआई, पूर्व आरपीएससी सदस्य रामूराम रायका और दस्तावेज लीक गिरोह के 30 से अधिक सदस्य शामिल हैं। अब पीएसओ की गिरफ्तारी ने ये सवाल खड़ा कर दिया है।
मामले ने तूल तब पकड़ा जब केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने X पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मतलब जहां सुरक्षा थी, वहां से ही लीक हुआ! उनका ये बयान सीधे तौर पर कांग्रेस और गहलोत सरकार पर बड़ा हमला माना जा रहा है। हालांकि अभी तक अशोक गहलोत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
हाल ही में राजस्थान हाईकोर्ट ने इस मामले में 26 आरोपियों को जमानत दे दी। कोर्ट ने एसओजी की जांच पर ही सवाल उठा दिए, ये कहते हुए कि उनके पास तकनीकी सबूत कमजोर और संदेहास्पद हैं। ऐसे में अब पीएसओ और उसके बेटे की गिरफ्तारी एसओजी के लिए भी ‘रेडेम्प्शन’ की तरह देखी जा रही है।

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