संभल के बाद बदायूं की मस्जिद पर मंदिर का दावा

मौलाना बोले, 'हालात बहुत खराब हो जाएंगे, मोदीजी रोक लो'

  • बदायूं की जामा मस्जिद के नीलकंठ मंदिर होने का दावा
  • मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने इसका विरोध जताया है
  • मोदी से की है अपील, इससे देश के हालात बिगड़ जाएंगे

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बीते दिनों जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब बदायूं जिले में स्थित शम्सी जामा मस्जिद को लेकर विवाद शुरू हो गया है। हिंदू पक्ष ने यहां नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा कर दिया है। ये मामला अब कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले को लेकर राजनीति शुरू हो गई है।मामले में असदुद्दीन ओवैसी ने जोरदार हमला बोलते हुए अपना पक्ष रखा है। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी का भी बयान आ गया है। उन्होंने बताया कि बदायूं की शम्सी जामा मस्जिद का निर्माण सूफी विचारक और बादशाह शमशुद्दीन अल्तमश ने 1223 ईसवी में कराया था। ब्रिटिश शासन काल के इतिहास में भी इसका जिक्र है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि इसपर पहल करते हुए रोक लगाए, वरना देश के हालात बहुत खराब हो जाएंगे।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने बताया कि हिंदुस्तान के सूफी विचारक बादशाह शमशुद्दीन अल्तमश जब बदायूं आए थे, तब उन्होंने यहां पर अल्लाह की इबादत करने के लिए एक मस्जिद तालीम करने का फैसला लिया था। शमशुद्दीन अल्तमश ने 1223 ईसवी में जामा मस्जिद का निर्माण कराया था। जिसका शम्सी जामा मस्जिद रखा गया था। जिसे आज भी इसी नाम से जाना जाता है। मौलाना ने बताया कि ब्रिटिश शासन काल इतिहास 1856 में भी शम्सी जामा मस्जिद बदायूं के नाम से दर्ज है।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन ने बताया कि यहां पर कभी भी मंदिर या मूर्ति होने का कोई सबूत नहीं है। इसको लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, वो झूठ है और हकीकत के खिलाफ है। ये दावे इतिहास के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि हमें अफसोस इस बात का है कि जो हिंदुस्तान गंगा जमुना तहजीब के नाम से जाना जाता था, हिंदू-मुस्लिम भाई चारे की बात कही जाती थी। लेकिन अब यहां फिरकापरस्त लोगों की नजरें लग गई है। अब साम्प्रदायिक मामलों को उभारा जा रहा है। ये लोग कौन है और पता नहीं देश में क्या चाहते हैं।
मौलाना ने कहा कि पहले बहराइच में दंगा हुआ और बाद में संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के नाम पर साम्प्रदायिक दंगा हो चुका है। इस दंगे में पांच लोगों की जान जा चुकी है। साम्प्रदायिक सोच रखने वाले लोग कुछ इसी तरह के हालात बदायूं में भी पैदा करना चाहते हैं। मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि पीएम मोदी से गुजारिश करता हूं कि इसमें पहल करें और जहां-जहां भी सर्वे किये जा रहे हैं और मस्जिदों में या मस्जिदों की सीढ़ियों के नीचे मूर्तियां व मंदिर तलाश किए जा रहे हैं उनपर तत्काल रोक लगाए। साथ ही ऐसी सोच रखने वाले लोगों पर भी रोक लगाए। वरना देश के हालात बहुत खराब हो जाएंगे।

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