अमेरिकी बुजुर्गों को जाल में फंसा ठग लिए 50 लाख, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

  • दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 5 साइबर ठगों को पकड़ा
  • गिरोह से नकदी, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए
  • अमेरिका के बुजुर्गों को अपने जाल में फंसाते थे बदमाश

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने अमेरिकी नागरिकों के साथ 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्पेशल सेल ने देश के अलग-अलग हिस्सों से 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इन बदमाशों के पास से पुलिस ने नकदी, मोबाइल फोन और लैपटॉप भी बरामद किया है। अमेरिका में जिन लोगों के साथ इन बदमाशों ने ठगी की उन्होंने अमेरिकी दूतावास के माध्यम से दिल्ली पुलिस से शिकायत की थी। ये बदमाश अमेरिकी बुजुर्गों का सिस्टम हैक कर ठगी को अंजाम देते थे।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि बदमाश हैकिंग की आड़ में ठगी करते थे। ये लोग रिटायर्ड अमेरिकी बुजुर्गों को अपना शिकार बनाते थे। पहले ये बुजुर्गों से ऑनलाइन कॉन्टेक्ट करते थे। वो लोगों से कहते थे कि उनके सिस्टम में कुछ टेक्निकल दिक्कत है और उसे ठीक करने के बहाने लोगों को टारगेट करते थे। फिर बुजुर्गों को डराकर उनकी मेहनत की कमाई को ठग लेते थे। इस तरह साइबर ठगों ने सवा 6 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 50 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
लैपटॉप में तकनीकी गड़बड़ी ठीक करने के नाम पर ठगी
अमेरिका के जोस एंटोनियो कोर्डेरो और लानिवती तनुदजाजा ने स्पेशल सेल को की गई शिकायत में बताया कि 21 अक्टूबर 2021 में उन्होंने लैपटॉप में आई तकनीकी गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए गीक स्क्वाड वेबसाइट से संपर्क किया। उसी दिन उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को वेबसाइट का इंजीनियर बताया। इसके बाद उसने कोर्डेरो के लैपटॉप को हैक कर लिया और सारी बैंक डीटेल्स और पर्सनल जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद हैकर्स ने अपनी बातों में उलझाकर कोर्डेरो की जीवन भर की कमाई को गिफ्ट कार्ड के माध्यम से विदेशी अकाउंट मे ट्रांसफर करा ली।
पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस मामले में आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ितों के बयान दर्ज किए। जांच में पता चला कि तीन साइबर जालसाज देश के अलग-अलग हिस्सों में थे और वहीं से अमेरिका के भोले-भाले बुजुर्ग नागरिकों को निशाना बनाने के लिए एक-दूसरे के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कोलकाता के सुमन दास, भुवनेश्वर के सुब्रत दास और कुणाल सिंह के रूप में की। कुणाल सिंह को महरौली से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा अमित और गौतम को भी दिल्ली से पकड़ा। इसके बाद उसके अन्य सभी साथियों को पुलिस ने अलग-अलग शहरों से पकड़ा। आरोपियों के पास से 7 लाख रुपये कैश, एक मैकबुक, लैपटॉप और कई मोबाइल फोन बरामद हुए।

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